लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया) भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष द्वारा ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन’ (वीबी–जी रामजी) के नाम पर किए जा रहे विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राम नाम से ही आपत्ति है, जबकि भाजपा का उद्देश्य गरीब को रोजगार और गांव का विकास है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा ने विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप रोजगार और आजीविका से जुड़ा नया कानून बनाया है, जिसमें विपक्ष को अनावश्यक आपत्ति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में योजनाओं के नाम बदलकर उन्हें एक ही परिवार तक सीमित रखने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम का नाम पहले जवाहर रोजगार योजना, फिर नरेगा और बाद में मनरेगा किया गया। इसी प्रकार ग्रामीण आवास योजना को इंदिरा आवास योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम दिया गया। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने लगभग 600 योजनाओं के नाम बदले, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी भी योजना का नाम अपने नाम पर नहीं रखा, बल्कि सेवा और राष्ट्र से जोड़ने का कार्य किया।

सांसद निधि के दुरुपयोग का आरोप
मदन राठौड़ ने कांग्रेस सांसदों पर सांसद निधि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ सांसदों ने अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए निधि को अन्य क्षेत्रों में स्वीकृत किया, जो जनता के साथ धोखाधड़ी है। उन्होंने कहा कि सांसद निधि जनता के हित के लिए होती है, न कि निजी स्वार्थों के लिए।
वीबी–जी रामजी से मिलेगा 125 दिन का रोजगार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वीबी–जी रामजी योजना के तहत ग्रामीणों को पहले की तुलना में 125 दिन की रोजगार गारंटी मिलेगी। पहले कई कार्य केवल कागजों में होते थे, लेकिन अब ग्राम सभा गांव की जरूरतों के अनुसार कार्य तय करेगी। इनमें जल संरक्षण, आधारभूत ढांचा, आजीविका संरचना और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल रोजगार के दिन बढ़ेंगे, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा और भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगा।
मनरेगा में बड़े घोटालों का लगाया आरोप
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासन में मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा बाड़मेर और नागौर जिलों में 300 करोड़ रुपये के घोटाले को स्वीकार किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड, डुप्लीकेट मस्टररोल और बिना काम भुगतान जैसे मामलों की करीब 11 लाख शिकायतें दर्ज हुईं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब रामजी के नाम को स्वीकार नहीं कर पा रही है, इसलिए योजना का विरोध कर रही है।
नए कानून में पारदर्शिता और तकनीक का उपयोग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जिनमें से 8.53 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के 11 वर्षों में खर्च किए गए। नए कानून के तहत—
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ग्राम सभा द्वारा तय कार्य
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125 दिन रोजगार की गारंटी
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काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
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सामाजिक ऑडिट अनिवार्य
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बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और एआई तकनीक का उपयोग
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15 दिनों में अनिवार्य भुगतान
जैसे प्रावधान किए गए हैं।

गांव और गरीब भाजपा की प्राथमिकता
मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गांव और गरीब के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। वीबी–जी रामजी योजना से न केवल जरूरतमंदों को रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों में आधारभूत संरचना विकसित होगी और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।