लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
– देवनानी ने रखा भारत की लोकतांत्रिक परंपरा का परचम
अजमेर से संवाददाता : नितिन मेहरा
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बारबाडोस में आयोजित 68वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेकर भारत की लोकतांत्रिक परंपरा और सहयोग की भावना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना विश्वभर में झलकी और भारत के संसदीय मूल्यों को सराहा गया।
लोकतांत्रिक संवाद पर सार्थक चर्चा
सम्मेलन के दौरान आयोजित गवर्निंग काउंसिल की बैठक में देवनानी ने विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों, सुशासन, बहुपक्षीय सहयोग और सतत विकास जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह बैठक विचारों के आदान-प्रदान और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच रही।
देवनानी ने कहा — “भारत की संसदीय परंपरा और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राष्ट्रमंडल परिवार के बीच सहयोग और संवाद ही विश्व शासन व्यवस्था की कुंजी है।”
प्रवासी भारतीयों से आत्मीय मिलन
भारतीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ देवनानी ने बारबाडोस स्थित भारतीय दूतावास में प्रवासी भारतीयों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने भारत में हो रहे विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक सहयोग के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी प्रवासी भारतीय भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं, जो गर्व की बात है।
सिंधी समाज से मुलाकात में झलकी भारतीयता
बारबाडोस प्रवास के दौरान देवनानी ने वहां बसे सिंधी समाज के सदस्यों से आत्मीय भेंट की। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज ने अपने परिश्रम, अनुशासन और भारतीय मूल्यों के कारण न केवल स्थानीय समाज में सम्मान अर्जित किया है, बल्कि भारतीय संस्कृति को भी जीवित बनाए रखा है।
उन्होंने कहा — “आप सबका आत्मीय स्नेह और भारतीयता की भावना इस यात्रा को और भी स्मरणीय बना दिया।”
किंग्सटन ओवल क्रिकेट मैदान का भ्रमण
देवनानी ने किंग्सटन ओवल क्रिकेट मैदान का भ्रमण कर कहा कि यहां क्रिकेट की गौरवशाली परंपरा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने उस रोमांचक खेल को याद किया जिसमें भारत ने दक्षिण अफ्रीका की टीम को हराया था। देवनानी ने कहा कि भारतीय टीम के प्रदर्शन की यादें गर्व और प्रेरणा का अनुभव कराती हैं।
भारत के लिए प्रस्थान
वासुदेव देवनानी बारबाडोस प्रवास के बाद भारत के लिए प्रस्थान कर गए हैं। वे रविवार तड़के 1 बजे दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर में जयपुर लौटने का कार्यक्रम है।
देवनानी का यह दौरा भारत की संसदीय परंपराओं और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।