लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
किशनगढ़ रेनवाल।(नवीन कुमावत) स्वामी विवेकानंद जयंती महोत्सव के अवसर पर मुंडियागढ़ स्थित राष्ट्रीय आध्यात्मिक ज्ञान सेवा केंद्र एवं संत दादूदयाल आश्रम सुखसागर सेवा धाम के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सत्संग, सामूहिक सहभोज एवं सेवाभावी साधकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद और संत दादू दयाल जी महाराज के छायाचित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। गुड्डा साल्ट बगीची के संत धर्मेंद्र जी महाराज और बन्नू भारती द्वारा मंगलाचरण पद प्रस्तुत किए गए।
संतसियाराम जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा, “स्वामी विवेकानंद जी ने न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी हिंदू धर्म का डंका बजाया। आज हमें उनके विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है।”
युवा गिरधारी जी महाराज ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति के आदर्श, संत समाज के गौरव और विश्ववंद्य संत थे। उन्होंने हिंदू संस्कृति के पोषक और संवाहक के रूप में स्वामी विवेकानंद के योगदान को भी याद किया। मोरड़ा से पधारे संत कानाराम जी महाराज ने भक्ति योग सत्संग और तत्वज्ञान की महत्ता पर प्रकाश डाला।
केन्द्र के संस्थापक श्री सुखदेव जी महाराज ने आगंतुक संतों और साधकों का आभार व्यक्त करते हुए संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट, समरस और सजग रहने का आह्वान किया। वहीं, श्रीपाल जी वैद्य ने “स्वस्थ तन, स्वस्थ मन, स्वस्थ समाज” विषय पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
विशाल टीन शेड निर्माण में सेवा देने वाले महेंद्र, सुखराम, बंसी लाडणवा, पन्नालाल, बाबूलाल छिछोलिया, नाथूराम सिरसवा, जगदीश, हरलाराम, परसराम, छोटू, गोपाल, प्रेम, बाबूलाल मंढा, लल्लू, बाबूजी आष्टी, नवीन जोबनेर, संतोष सांखला आदि सेवाधारियों का संतों द्वारा शाॅल और दादूवाणी प्रति प्रदान कर सम्मान किया गया। वरिष्ठ पत्रकार नवीन कुमावत और कमल जैन को भी दुशाला ओढ़ाकर, फूलों की माला पहनाकर और दादूवाणी पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
सामूहिक पंगत प्रसादी के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।















































