एसएमएस स्टेडियम में 12 जून को जुटेगा किसानों का महाकुंभ 

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

 प्राकृतिक खेती पर होगा विशेष प्रशिक्षण

जयपुर (रूपनारायण सांवरिया)। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, राजस्थान की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक सोमवार को जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने की। बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।

कैलाश चौधरी ने बताया कि आगामी 12 जून को जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) स्टेडियम में राज्य स्तरीय एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित किसान भाग लेंगे और प्राकृतिक खेती के आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत देंगे मार्गदर्शन

कार्यक्रम की विशेषता यह होगी कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अग्रणी पहचान रखने वाले गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ किसानों को प्रशिक्षण देंगे। वे किसानों को जीवामृत निर्माण, भूमि की उर्वरता बढ़ाने, रासायनिक खेती के विकल्प और कम लागत में अधिक उत्पादन के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देंगे।

कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर भी उपस्थित रहेंगे।

प्रत्येक जिले से 150 किसान होंगे शामिल

किसान मोर्चा ने कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। प्रत्येक संगठनात्मक मंडल से पांच जागरूक एवं इच्छुक किसानों का चयन किया जाएगा। इन चयनित किसानों में से प्रत्येक जिले से 150 किसानों की अंतिम सूची तैयार कर उन्हें जयपुर प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाएगा।

पदाधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियां

बैठक में प्रदेश महामंत्री ओपी यादव, रेवंत सिंह राजपुरोहित सहित प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों को कार्यक्रम की सफलता के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कैलाश चौधरी ने कहा कि इस आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कृषि क्षेत्र में बदलाव की नींव बनेगा शिविर

कैलाश चौधरी ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर राजस्थान की कृषि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर किसान और रसायनमुक्त खेती के विजन को साकार करने के लिए प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि रासायनिक खेती ने भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित किया है। ऐसे में प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

कैलाश चौधरी ने सभी जिला पदाधिकारियों से मिशन मोड में कार्य करते हुए योग्य किसानों का चयन सुनिश्चित करने और उनकी जयपुर तक सुरक्षित भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। 12 जून का यह आयोजन प्रदेश के कृषि इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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