लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गुरला, भीलवाड़ा | (सत्यनारायण सेन) भीलवाड़ा जिले में खारवाल–खारोल समाज की कुलदेवी भगवती शाकंभरी देवी के प्राकट्य दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में शाकंभरी जयंती बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम भीलवाड़ा जिले के चांदरास स्थित शाकंभरी मंदिर परिसर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में कोटा संभाग से समाज के संभागीय अध्यक्ष सत्यनारायण खारवाल, युवा संगठन जिला अध्यक्ष निर्मल खारोल, संगठन मंत्री बालचंद खारवाल, महिला संगठन जिला अध्यक्ष सुनीता खारोल सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
चांदरास मंदिर समिति के अध्यक्ष मांगीलाल खारोल (करेड़ा) ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश स्तरीय आयोजन के मुख्य अतिथि मांडल विधायक उदयलाल भड़ाणा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता खारोल–खारवाल समाज महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश खारवाल (घाटाबिल्लौद, इंदौर) ने की।
विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल भड़ाणा, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष बद्रीलाल खारोल, संरक्षक गिरधारीलाल पंवार, प्रदेश सचिव बाबूलाल माछलिया (अहमदाबाद), कोटा संभाग अध्यक्ष सत्यनारायण खारवाल, शाकंभरी युवा शक्ति प्रदेश अध्यक्ष नंदकिशोर खारोल (ताजपुरा), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगदीश खारोल (सरसी), राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कुशाल सिंह डोडिया एवं चांदरास सरपंच प्रतिनिधि नारायणलाल गुर्जर शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन शिवलाल खारोल (पुर, भीलवाड़ा) ने किया।
भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
समारोह के अंतर्गत रात्रि में विशाल भजन संध्या, अतिथियों का सम्मान एवं पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समाज की आस्था के केंद्र चांदरास शाकंभरी मंदिर में मेवाड़ अंचल के लगभग 60 गांवों से सजी-धजी झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच हजारों की संख्या में मातृशक्ति, युवा एवं समाजजन माता के दरबार में पहुंचे और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक प्रसादी
माता के दरबार में पधारे 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए सूरत शाकंभरी मित्र मंडल द्वारा सामूहिक भोज प्रसादी की व्यवस्था की गई, जबकि अहमदाबाद शाकंभरी मित्र मंडल ने आयोजन व्यवस्था में सहयोग किया।
इस दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति अध्यक्ष मांगीलाल खारोल, उपाध्यक्ष उदयलाल खेमाणा, सचिव कान्हा टहुका, उदाजी घोड़ास सहित समस्त मंदिर प्रबंधन कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
