लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बोर्ड गठन को लेकर बढ़ी हलचल, निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम; दोनों दलों में दावेदारों को लेकर मंथन
राजस्थान से वरिष्ठ संवाददाता : नितिन मेहरा
जोधपुर। नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद जोधपुर की सियासत में नगर निगम बोर्ड के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है। 100 वार्डों वाले निगम में भाजपा और कांग्रेस को 44-44 सीटें मिली हैं, जबकि शेष सीटों पर निर्दलीय और अन्य उम्मीदवार विजयी हुए हैं। ऐसे में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से बोर्ड गठन और महापौर चुनाव का गणित दिलचस्प हो गया है।
मेयर पद को लेकर दोनों दलों में मंथन
बराबर सीटों के नतीजे के बाद अब दोनों प्रमुख दलों के सामने महापौर पद के लिए चेहरे को लेकर मंथन की स्थिति है। एक ओर पार्टी के भीतर दावेदारों के नामों पर चर्चा चल रही है, वहीं दूसरी ओर पार्षदों को अपने पक्ष में रखने और बोर्ड गठन के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की कवायद भी महत्वपूर्ण हो गई है।
ऐसे समीकरण में पार्टी नेतृत्व के लिए पार्षदों के बीच सहमति बनाए रखना अहम माना जा रहा है।
बाड़ेबंदी के बाद अब समर्थन जुटाने की कवायद
मतदान के बाद ही दोनों प्रमुख दलों ने अपने पार्षदों से संपर्क और उन्हें एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी थी। चुनाव से पहले भाजपा की ओर से पार्षदों की बाड़ेबंदी किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
अब परिणाम आने के बाद निर्दलीय पार्षदों की भूमिका पर भी राजनीतिक नजरें टिक गई हैं। हालांकि किस पार्षद का समर्थन किस दल को मिलेगा, इसे लेकर अंतिम तस्वीर बोर्ड गठन की प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट होगी।
भाजपा में मेघराज लोहिया और प्रसन्नचंद मेहता के नाम चर्चा में
भाजपा की ओर से महापौर पद के लिए मेघराज लोहिया और प्रसन्नचंद मेहता के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। दोनों ने अपने-अपने वार्ड से जीत दर्ज की है। मेघराज लोहिया ने वार्ड 42 से जीत दर्ज की, जबकि प्रसन्नचंद मेहता वार्ड 82 से विजयी हुए।
मेघराज लोहिया ने कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा को हराया, जबकि प्रसन्नचंद मेहता ने भी वार्ड 82 से जीत दर्ज की।
कांग्रेस में भी दावेदारों को लेकर चर्चा
कांग्रेस के लिए भी 44 सीटों का आंकड़ा बोर्ड गठन की संभावनाओं को खुला रखता है। पार्टी के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ-साथ अन्य विजयी पार्षदों से समर्थन को लेकर रणनीति बनाने की चुनौती है।
क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
महापौर चुनाव में पार्षदों के वोट निर्णायक होंगे। ऐसे में दोनों दलों के भीतर पार्षदों के बीच सहमति और एकजुटता बनाए रखने पर जोर है। राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर भी चर्चा है, हालांकि किसी पार्षद के पाला बदलने या क्रॉस वोटिंग करने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच बराबरी के आंकड़े ने महापौर चुनाव को पूरी तरह खुला बना दिया है। अब निगाहें पार्टी नेतृत्व की रणनीति, पार्षदों के समर्थन और बोर्ड गठन के अंतिम समीकरण पर टिकी हैं।
