लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चुनाव के बाद पीएम श्री बालिका स्कूल पहुंचा फर्नीचर, गंदगी देखकर छात्राओं ने बैठने से किया इनकार
सिरोही। सरकारी व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर सिरोही से एक मामला सामने आया है। नगर परिषद सिरोही के चुनाव के दौरान पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से चुनावी व्यवस्था के लिए लिया गया फर्नीचर चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद वापस विद्यालय पहुंचाया गया। आरोप है कि फर्नीचर को कचरा वाहन में रखकर स्कूल लाया गया। फर्नीचर की स्थिति देखकर छात्राओं ने नाराजगी जताई और सफाई होने तक उस पर बैठने से इनकार कर दिया।
कचरा वाहन में पहुंचा फर्नीचर
दरअसल, नगर परिषद चुनाव के दौरान विद्यालय से फर्नीचर चुनावी व्यवस्था के लिए लिया गया था। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद जब यह फर्नीचर वापस विद्यालय पहुंचा तो उसे कचरा वाहन में लाया गया। फर्नीचर पर गंदगी देखकर छात्राओं ने आपत्ति जताई।
छात्राओं का कहना था कि इसी फर्नीचर का इस्तेमाल वे पढ़ाई के साथ-साथ भोजन के दौरान भी करती हैं। ऐसे में कचरा वाहन से लाए जाने के कारण फर्नीचर पर गंदगी लगने को लेकर उन्होंने सफाई होने तक उसका इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया।
सफाई के बाद छात्राओं ने किया इस्तेमाल
छात्राओं के विरोध के बाद विद्यालय में फर्नीचर की धुलाई और सफाई कराई गई। इसके बाद छात्राओं ने फर्नीचर का इस्तेमाल किया।
मामले को लेकर वरिष्ठ शिक्षक नेता गोपाल सिंह राव पोसालिया ने जिला प्रशासन से उचित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि नगर परिषद के पास ट्रैक्टर सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं, ऐसे में विद्यालय में उपयोग होने वाले फर्नीचर को कचरा वाहन से भेजना स्वच्छता की दृष्टि से उचित नहीं है।
क्षतिग्रस्त फर्नीचर की मरम्मत की मांग
गोपाल सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से स्वच्छता को लेकर लगातार जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में सरकारी संस्थानों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को भी स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता बरतनी चाहिए।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में विद्यालयों से चुनावी या अन्य कार्यों के लिए लिया गया फर्नीचर वापस भेजते समय स्वच्छ और उचित वाहन का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चुनाव के दौरान क्षतिग्रस्त हुए फर्नीचर की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत भी कराई जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
रिपोर्ट—तुषार पुरोहित, सिरोही
