लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रियांबड़ी। राज्य सरकार के निर्देशानुसार उपखंड कार्यालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी सूर्यकांत शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध कवि एवं उपन्यासकार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ को भारत का राष्ट्रीय गीत स्वीकार किया गया था। इसे पहली बार 7 नवंबर 1876 को बंगाल में गाया गया था।
विकास अधिकारी राकेश कुमार महरिया ने जानकारी दी कि इस अवसर पर सभी ग्राम पंचायतों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रीय प्रतीक ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण जनों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक कर लाभांवित भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे राष्ट्रीय प्रतीक हमें स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के बलिदान की याद दिलाते हैं। ऐसे अवसर हमारे लिए गौरवपूर्ण क्षण होते हैं, जब हम उन महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलकर वंचित और शोषित वर्ग की सेवा का संकल्प लेते हैं।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, सहायक प्रशासनिक अधिकारी गोपाल सिंह राठौड़, वरिष्ठ सहायक शेर सिंह राठौड़, पवन माली, इमरान कुरेशी, एडवोकेट आशीष कुमार राजपुरोहित, राजेन्द्र कुमार जयपाल, सहायक विकास अधिकारी धर्मेन्द्र गिल, सहायक प्रशासनिक अधिकारी बसंत कुमार डामेर, सहायक लेखाधिकारी सुशील गोदारा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक सुशील कुमार सहित अन्य विभागों के कार्मिक उपस्थित रहे।