लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर। राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से स्पष्ट जवाब तलब किया है। अदालत ने दोनों पक्षों को 20 जुलाई तक पूरा चुनावी कार्यक्रम (शेड्यूल) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने स्वयं लोढ़ा व अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया।
सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह और ओबीसी आयोग के सलाहकार वर्चुअल माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए।
चुनाव में देरी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा कि चुनाव कराने को लेकर उनका स्पष्ट रुख क्या है।
20 जुलाई तक देना होगा पूरा चुनाव कार्यक्रम
खंडपीठ ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक विस्तृत चुनाव कार्यक्रम अदालत के समक्ष पेश किया जाए। इसमें चुनाव की संभावित तिथियां, वार्डों की लॉटरी, विभिन्न चरणों में मतदान की तारीखें तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण चरणों का पूरा विवरण शामिल होना चाहिए।
हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद अब राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 20 जुलाई तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की रूपरेखा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
