लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद धरने पर बैठीं महिलाएं
भरतपुर। भरतपुर जिले में गुरुवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई, जिससे कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ तथा प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कलेक्ट्रेट में प्रवेश को लेकर हुआ विवाद
प्रदर्शन के दौरान जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन देने पहुंचीं तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कई महिलाएं धरने पर बैठ गईं। सूचना पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य किया।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से की अपील
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नीलू फौजदार ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाला मानदेय महंगाई के अनुरूप बेहद कम है और समय पर भुगतान भी नहीं किया जाता। उन्होंने सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता, पेंशन, ईएसआई, बीमा एवं चिकित्सा सुविधाएं, मोबाइल रिचार्ज का खर्च सरकार द्वारा वहन करने, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, अतिरिक्त कार्य का उचित पारिश्रमिक, मानदेय में सम्मानजनक एवं स्थायी वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा तथा लंबित मांगों पर तत्काल वार्ता सहित कुल 11 मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
महिला कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
प्रदर्शन में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष बबीता शर्मा भी शामिल हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंची थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकते हुए धक्का-मुक्की की। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर जिला कलेक्टर से भी नहीं मिल पाएंगी तो यह प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
बबीता शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर महिलाओं के लिए पीने के पानी जैसी बुनियादी व्यवस्था भी नहीं थी। उन्होंने कथित अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
IPS अधिकारी की समझाइश के बाद सौंपा ज्ञापन
मौके पर पहुंचीं आईपीएस आशिमा वासमानी ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।