लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
कमरों की कमी से बरामदे में बैठकर काम कर रहे कर्मचारी, बारिश में सरकारी रिकॉर्ड खराब होने का खतरा
राजसमंद | गौतम शर्मा
राजसमंद जिले की कुंवारिया तहसील वर्ष 2019 में उप तहसील से तहसील में क्रमोन्नत होने के बावजूद आज भी वर्ष 1990 में बने करीब 35 साल पुराने जर्जर भवन से संचालित हो रही है। भवन में पर्याप्त कमरों का अभाव होने से कर्मचारियों को बरामदे में बैठकर राजस्व कार्य निपटाने पड़ रहे हैं। वहीं बारिश के दौरान भवन से पानी टपकने के कारण महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड के खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।
नई तहसील भवन के निर्माण की मांग को लेकर पूर्व विधायक बंसीलाल खटीक सहित ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री हेमंत कुमार, सांसद महिमा कुमारी और विधायक दीप्ति माहेश्वरी को ज्ञापन भेजकर जल्द बजट स्वीकृत कराने की मांग की है।
चार कमरों में सिमटी पूरी तहसील
ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान तहसील भवन में केवल चार कमरे हैं, जिनमें अधिकांश स्थान राजस्व रिकॉर्ड रखने में उपयोग हो रहा है। कर्मचारियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है, जिससे आमजन के राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मजबूरी में कर्मचारियों को बरामदे में बैठकर काम करना पड़ रहा है, जिससे गर्मी, बरसात और सर्दी तीनों मौसमों में कर्मचारियों और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2019 में आवंटित हुई थी भूमि, अब तक नहीं मिला बजट
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2019 में थाने के पास करीब साढ़े 10 बीघा भूमि नए तहसील कार्यालय के लिए आवंटित की गई थी। भूमि की चारदीवारी का कार्य पूरा हो चुका है और तहसीलदार आवास का निर्माण भी हो गया है। इसके बावजूद भवन निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं होने से नया तहसील कार्यालय आज तक शुरू नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने जल्द निर्माण की उठाई मांग
ग्रामीणों का कहना है कि कुंवारिया अब तहसील मुख्यालय होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। नया तहसील भवन बनने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा और ग्रामीणों को भी एक ही स्थान पर सुचारु एवं सुविधाजनक राजस्व सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
तहसीलदार ने क्या कहा?
तहसीलदार सुंदरलाल मीणा ने बताया कि वर्तमान में तहसील का संचालन पुराने भवन से किया जा रहा है। जगह की कमी के कारण कर्मचारियों और आमजन दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नए तहसील भवन के निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजकर अवगत कराया जा चुका है और बजट स्वीकृति का इंतजार है।
