लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
✍️ मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर/श्रीकरणपुर। राजस्थान राज्य महिला नीति 2021 के अंतर्गत महिला प्रकोष्ठ की ओर से राजकीय महाविद्यालय श्रीकरणपुर में सेमिनार का आयोजन किया गया। महिला नीति नोडल अधिकारी डॉ. रूपाली सैनी ने बताया कि इस सेमिनार में कुल तीन सत्र रखे गए।
प्रथम सत्र – पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर चर्चा
राजकीय चिकित्सालय से डॉ. विनोद कुमार ने पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम 1994 के प्रावधानों व उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भ्रूण के अवैध लिंग परीक्षण पर रोक लगाना और कन्या भ्रूण हत्या पर नियंत्रण करना है।
केवल गंभीर आनुवंशिक विकार या वंशानुगत विकृति के मामलों में ही भ्रूण परीक्षण की अनुमति है।
द्वितीय सत्र – पोषण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता
डॉ. राजबाला ने छात्र-छात्राओं को पोषण एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर विस्तृत और व्यावहारिक व्याख्यान दिया।
तृतीय सत्र – नेत्रदान जागरूकता
नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत संवाद और प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित हुआ। इसमें विद्यार्थियों को नेत्रदान के विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया।
सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर आशीष गोदारा, डॉ. रीटा रहेजा, छिंद्रपाल सिंह, विकास राव, मेनका चौधरी और जसकरण सिंह की सक्रिय भागीदारी रही।



















































