पुष्कर घाटी मार्ग पर भारी वाहनों की नो-एंट्री:  वासुदेव देवनानी के कड़े तेवर

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

नितिन मेहरा वरिष्ठ संवाददाता, (राजस्थान)

अजमेर कलक्टर-SP को दिए सुरक्षा ढांचा बदलने के निर्देश, दोनों तरफ लगेंगे हाइट गेज

अजमेर। अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल और वैश्विक आस्था के प्रमुख केंद्र पुष्कर को जोड़ने वाली ऐतिहासिक पुष्कर घाटी अब पूरी तरह से दुर्घटनामुक्त और सुरक्षित बनाई जाएगी। पिछले कुछ समय से इस सर्पिलाकार और ढलान वाले पहाड़ी मार्ग पर लगातार हो रही भीषण सड़क दुर्घटनाओं तथा असमय हो रही जनहानि को राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। घाटी में बढ़ते जोखिम को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कड़ा और संवेदनशील रुख अपनाते हुए अजमेर के जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को यातायात व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव करने के सख्त नीतिगत निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों को दिए गए आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पुष्कर घाटी मार्ग पर बड़े, क्षमता से अधिक वजनी और भारी व्यवसायिक वाहनों के संचालन को तुरंत प्रभाव से पूरी तरह नियंत्रित और सीमित किया जाए, ताकि इस मार्ग पर छोटे वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए सफर सुरक्षित हो सके।

तकनीकी सुरक्षा चक्र: दोनों छोर पर लगेंगे हाइट गेज (Height Gauges)

घाटी मार्ग की भौगोलिक स्थिति और तीखे मोड़ों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब यहाँ एक अभेद्य तकनीकी सुरक्षा कवच तैयार करने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों के तहत पुष्कर घाटी के दोनों प्रवेश और निकास द्वारों (एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स) पर मजबूत लोहे के ‘हाइट गेज’ स्थापित किए जाएंगे।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निर्धारित मानक ऊंचाई से अधिक ऊंचे और भारी कमर्शियल वाहन चाहकर भी इस संवेदनशील पहाड़ी रास्ते पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। ऐसे सभी बड़े वाहनों को घाटी में आने से पहले ही रोक दिया जाएगा या उन्हें वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। इस कदम से घाटी में लगने वाले जाम और भारी वाहनों के अनियंत्रित होने से होने वाले हादसों पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।

हालिया हादसों ने बढ़ाई चिंता, मानवीय दृष्टिकोण पर जोर

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हाल के दिनों में पुष्कर घाटी में हुई सिलसिलेवार दुर्घटनाओं पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को याद दिलाया कि पिछले दिनों एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर घाटी से नीचे गहरी खाई में गिर जाने की भयावह घटना, और इसके अलावा कार तथा बाइक सवारों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत जैसी दर्दनाक घटनाओं ने आम जनता और यहाँ आने वाले पर्यटकों के मन में डर पैदा कर दिया है।

देवनानी ने कहा कि इन हादसों को महज एक ‘दुर्घटना’ मानकर टाला नहीं जा सकता। प्रशासन को एक मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए हर एक नागरिक की जान की कीमत समझनी होगी और ऐसे ठोस व स्थायी सुरक्षा उपाय करने होंगे जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति शून्य की जा सके।

️ वैश्विक पर्यटन केंद्र की साख और सुरक्षा का सवाल

अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पुष्कर केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था का एक बेहद महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ हर दिन हजारों की संख्या में देशी-विदेशी सैलानी, बुजुर्ग श्रद्धालु और आम लोग पवित्र सरोवर तथा ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के लिए पहुँचते हैं।

ऐसी स्थिति में, इस मुख्य संपर्क मार्ग पर एक सुव्यवस्थित, अनुशासित और पूरी तरह सुरक्षित यातायात प्रणाली विकसित करना स्थानीय जिला और पुलिस प्रशासन की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। घाटी का सफर डर का नहीं, बल्कि सुहावना अहसास कराने वाला होना चाहिए।

इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन: मॉनिटरिंग और चेतावनी तंत्र होगा मजबूत

केवल भारी वाहनों को रोकने तक ही यह योजना सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी पुष्कर घाटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत गाइडलाइंस दी हैं:

1. आधुनिक यातायात संकेतक (Signboards): घाटी के हर तीखे मोड़ और ढलान पर हाई-विजिबिलिटी वाले नए साइनबोर्ड लगाए जाएंगे जो रात के अंधेरे में भी साफ चमकेंगे।

2. गति नियंत्रण (Speed Calming Measures): वाहनों की रफ्तार को सीमित रखने के लिए वैज्ञानिक तरीके से स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप्स और गति सीमा के बोर्ड लगाए जाएंगे।

3. सघन निगरानी व्यवस्था (Surveillance System): पूरे घाटी क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा और पुलिस की विशेष टीमें तैनात रहेंगी जो नियमों का उल्लंघन करने वाले हुड़दंगियों और तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखेंगी।

प्रशासनिक और पुलिस अमले ने विधानसभा अध्यक्ष के इन निर्देशों के बाद धरातल पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही हाइट गेज लगाने की तकनीकी प्रक्रिया और नए ट्रैफिक प्लान को लागू कर दिया जाएगा, जिससे पुष्कर घाटी का यह सफर हमेशा के लिए सुरक्षित और सुगम हो सके।

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