लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों में लंबे अनुभव को देखते हुए मिली जिम्मेदारी; शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में काम करता है अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट
जयपुर। । जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु और विख्यात शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) प्रवीण चंद्र त्रिवेदी को ब्रिटेन के वेल्स और यूके में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संस्था INJAS ट्रस्ट के इंडियन चैप्टर का महासचिव नियुक्त किया गया है।
INJAS के चेयरमैन केशव सिंघल ने प्रो. त्रिवेदी की नियुक्ति की घोषणा की। शिक्षा, उच्च शिक्षा प्रशासन, शोध और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में काम करता है INJAS
INJAS एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जो मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में काम करती है। संस्था भारत और यूके में जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करती है।
संस्था की ओर से वंचित और जरूरतमंद विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता और ग्रांट उपलब्ध कराने की पहल भी की जाती है।
इसके साथ ही ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, इतिहास और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों एवं परंपराओं के संरक्षण तथा उनके प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में भी INJAS की गतिविधियां संचालित होती हैं।
उच्च शिक्षा और शोध में प्रो. त्रिवेदी का लंबा अनुभव
INJAS इंडियन चैप्टर के चेयरमैन डॉ. एचसी गणेशिया ने प्रो. त्रिवेदी की नियुक्ति पर कहा कि कुलगुरु के कार्यकाल के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा के विकास, शोध को प्रोत्साहन और संस्थागत उत्कृष्टता के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि प्रो. त्रिवेदी का लंबा शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के साथ उनका जुड़ाव INJAS ट्रस्ट के इंडियन चैप्टर के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
वैश्विक अकादमिक नेटवर्क से जुड़ाव भी अहम
प्रो. त्रिवेदी का विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अकादमिक नेटवर्क से जुड़ाव भी उनकी नई जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
INJAS की ओर से उम्मीद जताई गई है कि उनके अनुभव और नेतृत्व में इंडियन चैप्टर शिक्षा, शोध, नवाचार और वैश्विक अकादमिक सहयोग के क्षेत्र में नए अवसर विकसित करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
शिक्षा और शोध के साथ सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने पर जोर
नई जिम्मेदारी के तहत इंडियन चैप्टर के माध्यम से शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ जरूरतमंद विद्यार्थियों और समाज के वंचित वर्गों तक सहायता पहुंचाने की दिशा में भी काम किए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और भारत एवं यूके के बीच शैक्षणिक एवं सामाजिक सहयोग को मजबूत करने के अवसर भी तलाशे जाएंगे।
प्रो. त्रिवेदी की नियुक्ति को शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों से जुड़े क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव की महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
















































