लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 11 पौधे रोपे
पादूकलां में पक्षियों के लिए 11 परिंडे वितरित, ग्रामीणों ने राजस्थानी परंपरा से किया आत्मीय स्वागत
पादूकलां। उत्तर प्रदेश शासन से पूर्व प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त प्रो. मेहबूबअली गौरी के पद्मावती नगर, पादूकलां आगमन पर ग्रामीणों ने राजस्थानी परंपरा के अनुरूप साफा पहनाकर एवं पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर को पर्यावरण संरक्षण और जीव सेवा से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 11 पौधों का रोपण किया गया तथा पक्षियों के लिए 11 परिंडों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और जीवों की सेवा को सामाजिक दायित्व बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
हाजी शमसुद्दीन गौरी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपने घर, खेत, सार्वजनिक स्थलों और श्मशान भूमि पर पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की। साथ ही भीषण गर्मी में पक्षियों एवं अन्य बेजुबान जीवों के लिए परिंडे लगाकर नियमित दाना-पानी की व्यवस्था करने को भी सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
पूर्व प्राचार्य प्रो. मेहबूबअली गौरी ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले और पक्षियों की सेवा को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा वातावरण मिल सकेगा।
कार्यक्रम में पूर्व प्रधान प्रतिनिधि मदनराम गोरा, जगदीशराम गोरा, रामस्वरूप टेलर, अमराराम चौकीदार, जवानाराम, रामेश्वर, हाजी गफ्फार गौरी, हाजी अब्दुल सादिक गौरी, मोइनुद्दीन गौरी, खाकीराम प्रजापत, हाजी नजीर मोहम्मद देशवाली, डॉ. आसकरण भोजवानी, हमीद गौरी, मंजूर गौरी, अजीज गौरी, सद्दाम गौरी, जाहिद गौरी, अकरम गौरी, इमरान गौरी, मोइन खान, एहसान देशवाली, कमल किशोर बोहरा, भवानी सिंह राठौड़, मुबारक शाह, श्यामसुंदर दाधीच, अब्दुल गफ्फार गौरी, कृष्ण राजपुरोहित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।















































