लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर (नितिन मेहरा)। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित प्रभात सिनेमा के पास बुधवार देर रात एक पालतू पशु की मौत को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर बवाल हो गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
विवाद की जड़: जहर देने का आरोप
जानकारी के अनुसार, प्रभात सिनेमा क्षेत्र निवासी अनिल गुर्जर के पालतू मवेशी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस पर अनिल पक्ष ने पड़ोस में रहने वाली मीता गौतम पर पशु को जहर देकर मारने का गंभीर आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही आपसी रंजिश चल रही थी।
हिंसक झड़प और तोड़फोड़
विवाद बढ़ने पर स्थिति बेकाबू हो गई। आरोप है कि जब मीता के समर्थन में वकील अमिता और उनके पति पिंटू मौके पर पहुंचे, तो अनिल पक्ष के लोग उग्र हो गए। भीड़ ने कथित रूप से उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की, खिड़कियों के कांच फोड़ दिए और मारपीट की।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली और क्लॉक टावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया।
थाने में हंगामा, नारेबाजी
देर रात दोनों पक्ष कोतवाली थाने पहुंचे, जहां फिर से हंगामा खड़ा हो गया। इस दौरान कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर स्थिति को शांत कराया।
जांच में चुनौती: पोस्टमार्टम नहीं
पुलिस के सामने मामले की जांच में एक बड़ी अड़चन सामने आई है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही नगर निगम की टीम मृत पशु को उठाकर ले गई, जिससे पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जहर देने के आरोप की पुष्टि करना फिलहाल मुश्किल है। हालांकि, पुलिस मारपीट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। इलाके में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
