लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। 35 वर्ष बाद आयोजित पांच दिवसीय निंबेश्वर महादेव पशु मेले का शुभारंभ शुक्रवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मंत्रोच्चार, पुंगनूर नस्ल की गौमाता के पूजन एवं ध्वजारोहण के साथ किया।
13 से 17 फरवरी तक फालना रोड, साण्डेराव (पाली) में आयोजित इस मेले में पुंगनूर, गिर, कांकरेज, थार एवं संकर नस्ल के श्रेष्ठ पशुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा बजट 2025-26 में जिला स्तरीय पशु मेलों की घोषणा की गई थी, जिसके तहत प्रथम चरण में 11 जिलों में मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक सौहार्द बढ़ाने के साथ रोजगार के अवसर भी सृजित करते हैं। मेले में पशुओं के लिए चारा, पानी एवं चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने हेतु 12 विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जबकि 50 निजी स्टॉल भी स्थापित किए गए हैं। पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना एवं सैक्स सॉर्टेड सीमेन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष काउंटर स्थापित किया गया है।
संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. मनोज पंवार ने बताया कि पशुपालकों की सहायता के लिए पांच चौकियां बनाई गई हैं। पहले दिन 85 ऊंट, 18 घोड़े, 25 बकरियां, एक पाड़ा और पांच गाय सहित अन्य पशु मेले में पहुंचे।
14 फरवरी को अश्व एवं उष्ट्र प्रतियोगिता, रस्साकशी, साफा, मूंछ, गोडवाड़ केसरी व गोडवाड़ सुंदरी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 15 फरवरी को मारवाड़ी अश्व प्रतियोगिता, 16 फरवरी को गाय, भैंस, ऊंट, भेड़ व बकरी प्रतियोगिताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 17 फरवरी को पारितोषिक वितरण के साथ मेले का समापन किया जाएगा।
इस अवसर पर निंबेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, सरस डेयरी पाली के अध्यक्ष प्रताप सिंह बिठिया सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।




















































