लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
उपसभापति के वायरल माफी वाले ऑडियो पर भी सदन में विवाद, माइक बंद कर बैठक अचानक की गई स्थगित; पार्षदों ने जताई नाराजगी
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। नागौर नगर परिषद के नवनिर्वाचित बोर्ड की पहली साधारण सभा शुक्रवार को हंगामेदार रही। नगर परिषद सभागार में सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर पार्षदों ने सवाल उठाए। देखते ही देखते विकास के मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। वहीं, उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी के वायरल माफी वाले ऑडियो को लेकर भी सदन में विवाद छिड़ गया। हालात ऐसे बने कि माइक बंद कर बैठक अचानक स्थगित करनी पड़ी।
बैठक की अध्यक्षता सभापति संतोष टाक और उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी ने की। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त अनीता बिरधा सहित सभी निर्वाचित पार्षद मौजूद रहे। शुरुआत में सभापति, उपसभापति और पार्षदों का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया गया। लेकिन औपचारिक स्वागत के बाद जैसे ही शहर के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई, सदन का माहौल गर्माने लगा।
सफाई व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल
बैठक में पार्षद फूलचंद टाक ने शहर की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कई वार्डों में सफाई टिपर और कर्मचारी नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने नगर परिषद में उपलब्ध सफाई टिपरों की संख्या पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पूर्व में जारी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग की। उनका सुझाव था कि टेंडर की प्रतियां सूचना बोर्ड पर कम से कम 15 दिन तक चस्पा की जाएं, ताकि सभी पार्षदों और संबंधित लोगों को इसकी जानकारी मिल सके।
फूलचंद टाक ने सफाई कर्मचारियों के भुगतान में संबंधित वार्ड पार्षद के हस्ताक्षर को भी जरूरी बनाने का सुझाव दिया, जिससे सफाई कार्यों की जवाबदेही तय हो सके।
इसी दौरान निर्दलीय पार्षद मनीष कच्छावा ने उनके सवालों का जवाब देना शुरू कर दिया। इस पर दोनों पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते सदन में हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान सभापति पूरे घटनाक्रम को देखती रहीं।
उपसभापति के वायरल माफी वाले ऑडियो पर छिड़ा विवाद
बैठक में दूसरा बड़ा विवाद उपसभापति हाजी मोहम्मद कुरैशी के हाल ही में वायरल हुए कथित माफीनामे वाले ऑडियो को लेकर हुआ। भगवान श्रीराम की आरती से जुड़े मामले में सामने आए इस ऑडियो का मुद्दा पार्षद मीकू राव उर्फ शिवकुमार राव ने सदन में उठाया।
इस मुद्दे पर चर्चा शुरू होते ही एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच माइक बंद कर दिया गया और बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया। विकास कार्यों पर चर्चा के लिए बुलाई गई पहली साधारण सभा का इस तरह हंगामे के बीच समाप्त होना शहर में चर्चा का विषय बन गया।
बैठक स्थगित होने पर पार्षदों ने जताया विरोध
बैठक स्थगित होने और सभापति व आयुक्त के सभागार से चले जाने के बाद कई पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की। पार्षदों का कहना था कि साधारण सभा को स्थगित करने और समाप्त करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। बिना स्पष्ट सूचना दिए चर्चा बीच में छोड़कर चले जाना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान है।
पार्षदों ने कहा कि सदन में उन्हें अपने वार्ड और जनता से जुड़े मुद्दे उठाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। जब सभापति और अधिकारियों के पास उनकी बात सुनने का समय नहीं है तो ऐसी बैठक में शामिल होने का औचित्य ही क्या रह जाता है।
शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्ताव एजेंडे में शामिल
हंगामे के बीच नगर परिषद की साधारण सभा के एजेंडे में नागौर शहर के विकास और भविष्य की योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल थे। इनमें प्रमुख रूप से—
- नगर परिषद के नए कार्यालय भवन का निर्माण।
- गांधी चौक स्थित तहसील भवन और भूमि नगर परिषद को हस्तांतरित करवाना।
- माड़ी चौक स्थित तहसील भवन का कार्यालय एवं जनहित में उपयोग।
- जेसीबी सहित अन्य आवश्यक वाहनों की खरीद।
- अहिछत्रपुर आवासीय योजना के भूखंडों की लॉटरी और ई-ऑक्शन से बिक्री तथा कॉलोनी का विकास।
- शहर की राजकीय भूमियों पर नई आवासीय एवं विकास योजनाएं विकसित करना।
- हाउसिंग बोर्ड के पुराने और नए क्षेत्र में स्थानीय निकाय की जमा राशि के हस्तांतरण का मुद्दा।
- बीकानेर रोड पर टाउन हॉल के पास बस स्टैंड का निर्माण।
- प्रमुख सड़कों को फोरलेन करने और डिवाइडर निर्माण की योजना।
- वर्ष 2025 में भारी बारिश से प्रभावित निचले इलाकों में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज और वर्षा जल निकासी व्यवस्था।
- नई सीवरेज लाइन और एसटीपी योजना।
- बढ़ती आबादी के मद्देनजर पेयजल व्यवस्था और जल संरक्षण।
- ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करना।
- अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रस्तावित विकास कार्य।

बैठक में 60 वार्डों के निर्वाचित पार्षदों के साथ 16 महिला पार्षद भी मौजूद रहीं। महिला पार्षदों ने भी शहर की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। हालांकि, बैठक के दौरान केवल निर्वाचित पार्षदों को ही प्रवेश दिया गया। अन्य बाहरी व्यक्तियों और प्रतिनिधियों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने का मुद्दा भी चर्चा में रहा।
पहली बैठक से ही गरमाए नगर परिषद के सियासी समीकरण
नागौर नगर परिषद के नए बोर्ड की पहली साधारण सभा में जिस तरह सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों पर सवाल उठे, पार्षदों के बीच टकराव हुआ और उपसभापति के वायरल ऑडियो का मुद्दा सदन तक पहुंचा, उससे बोर्ड के भीतर राजनीतिक खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। अब देखना होगा कि आगामी बैठकों में विकास के प्रस्तावों पर सहमति बनती है या नगर परिषद की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और टकराव का दौर जारी रहता है।




















































