लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े रहे मुख्य अतिथि,
डीएवी सेंटेनरी स्कूल में हुआ भव्य आयोजन, नशामुक्ति के लिए काम करने वाली संस्थाओं का सम्मान और सामाजिक जागरूकता प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
जयपुर। संस्कारयुक्त युवा, नशामुक्त समाज और विकसित भारत के संकल्प के साथ भारत विकास परिषद एवं आर्य युवा समाज के तत्वावधान में शुक्रवार को वैशाली नगर स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में 501 कुंडीय संस्कार महायज्ञ एवं नशा मुक्ति जनजागरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में करीब एक हजार विद्यार्थियों ने यजमान के रूप में भाग लेकर संस्कारित, अनुशासित और नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भारत विकास परिषद के संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। निरंजन अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य नर्मदा शंकर का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद, उत्तर पूर्व प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल ने की।
इस अवसर पर रूप लक्ष्मी कैसल ग्रुप के अध्यक्ष कैलाशचंद सैनी एवं डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की प्रबंधक सरिता रंजन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्वागत अध्यक्ष हरिशंकर बिलवाल तथा स्वागत सचिव कमल स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संयोजन भारत विकास परिषद की चित्रकूट शाखा की अध्यक्ष डॉ. रीता भार्गव ने किया।
एक हजार विद्यार्थियों ने यज्ञ में दी आहुतियां
501 कुंडीय संस्कार महायज्ञ में विद्यार्थियों की सहभागिता आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्यार्थियों ने यज्ञ में आहुतियां देकर भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रप्रेम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
आयोजकों ने कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों का बोध ही एक बेहतर नागरिक और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है।

नशामुक्त समाज बनाने का दिया संदेश
कार्यक्रम में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति परिवार, समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसके लिए केवल व्यक्तिगत प्रयास ही नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सामूहिक भागीदारी भी जरूरी है।
नशा मुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और स्वामीनारायण मंदिर समिति सहित सामाजिक जागरूकता से जुड़े संगठनों का योगदान उल्लेखनीय रहा।
प्रदर्शनी में दिखी राष्ट्र निर्माण की झलक
कार्यक्रम स्थल पर जनजागरण के उद्देश्य से विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें नशामुक्ति, संस्कार निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन को इन विषयों के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने तथा विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।
संस्कार, सेवा और समरसता से बनेगा विकसित भारत
आयोजकों ने कहा कि संस्कार महायज्ञ का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी में सदाचार, राष्ट्रप्रेम, सेवा भावना और सामाजिक समरसता के संस्कार विकसित करना भी है। विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता से यह संदेश दिया गया कि युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देकर नशामुक्त और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों, विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम संयोजक एवं चित्रकूट शाखा की अध्यक्ष डॉ. रीता भार्गव तथा डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य राजन गौतम ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए संस्कार, सेवा, समरसता और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

















































