लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
नागौर (प्रदीप कुमार डागा)। अतिरिक्त जिला कलेक्टर चंपालाल जीनगर की अध्यक्षता में बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पशु संरक्षण, उपचार, प्रबंधन और पशु क्रूरता रोकथाम से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पिछली बैठक (30 अक्टूबर 2025) में लिए गए निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी और गधागाड़ी में क्षमता से अधिक भार ढोने तथा अस्वस्थ पशुओं के उपयोग पर रोक लगाने के निर्देशों के तहत की गई कार्रवाई की प्रगति प्रस्तुत की।
गर्मी को देखते हुए विशेष निर्देश
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पक्षियों के लिए दाना-पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भारवाहक पशुओं के कार्य समय का निर्धारण करने पर भी जोर दिया गया।
निराश्रित गोवंश और पशु सुरक्षा पर फोकस
बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे निराश्रित गोवंश को गौशालाओं, कांजी हाउस और नंदीशालाओं में स्थानांतरित करने तथा उनके सींगों पर रेडियम लगाने के निर्देश दिए गए।
नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में संचालित मांस दुकानों के पंजीकरण और खुले में मांस बिक्री पर नियंत्रण को लेकर भी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए।
बजट उपयोग और अन्य प्रस्ताव
समिति के खाते में उपलब्ध राशि से एसपीसीए कार्यालय के लिए कंप्यूटर सेट और समयपालक घड़ी खरीदने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
उपस्थित अधिकारी और प्रतिनिधि
बैठक में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक महेश कुमार मीणा, पुलिस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, पद्मश्री हिमताराम भाभू तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में पशु कल्याण और क्रूरता रोकथाम को प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश जारी किए गए।
























































