लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (रूपनारायण सांवरिया) – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सीएमओ में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025, ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने इसे वीबी-जी राम जी अधिनियम भी बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अधिनियम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थाई और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा निर्माण संभव होगा। इसके तहत जल संसाधन, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका अवसंरचना और आपदा प्रबंधन से जुड़े ठोस व टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे।
मनरेगा की कमियों का अंत
शर्मा ने कहा कि मनरेगा योजना कांग्रेस सरकार के समय प्रशासनिक कमजोरियों और भ्रष्टाचार के कारण अपने लक्ष्य को पूरी तरह प्राप्त नहीं कर सकी। इसमें फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं जैसी समस्याएं सामने आई थीं। सोशल ऑडिट औपचारिकता बनकर रह गया और प्रशासनिक व्यय की सीमा केवल 6 प्रतिशत होने से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं था।
नए अधिनियम की खासियतें
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रोजगार की कानूनी गारंटी अब 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
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राज्य सरकारों को 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार, ताकि किसान और मजदूर दोनों लाभान्वित हों।
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मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अनिवार्य, और दो सप्ताह से अधिक देरी पर स्वतः मुआवजा।
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जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल ऐप और एआई का उपयोग कर पारदर्शिता सुनिश्चित।
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हर छह माह में डिजिटल सोशल ऑडिट अनिवार्य।
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डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली और जिला लोकपाल की व्यवस्था।
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प्रशासनिक व्यय की सीमा बढ़ाकर 9 प्रतिशत, ताकि पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो।
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राज्यों को कुल 17 हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आवंटन मिलने की संभावना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिनियम के तहत काम सुनियोजित ढंग से गांवों की वास्तविक जरूरत के अनुसार करवाया जाएगा। पीएम गतिशक्ति से जुड़कर गांवों में पानी, स्थायी सड़कों और आवश्यक बुनियादी ढांचे के कार्य भी होंगे।
भ्रामक प्रचार को चुनौती
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस सुधार को लेकर भ्रम फैला रही है, जबकि यह सहकारी संघवाद का मॉडल है जिसमें राज्यों की 40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही बढ़ती है। उन्होंने कहा कि जनता तक इस अधिनियम की खूबियों को पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।