लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मोहर्रम के अवसर पर मंगलवार को मेहंदी की रात श्रद्धा, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाई गई। विभिन्न इमामबाड़ों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां उन्होंने पारंपरिक रस्मों के तहत मेहंदी चढ़ाकर परिवार की खुशहाली, अमन-चैन और बरकत की दुआएं मांगी।
मदीना मस्जिद, नूरानी मस्जिद, कादरी मस्जिद एवं मदरसा क्षेत्र सहित विभिन्न स्थानों पर धार्मिक माहौल देखने को मिला। इमामबाड़ों को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया था तथा देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।
मदीना मस्जिद के मौलाना हाजी साबिर हुसैन, नूरानी मस्जिद के मौलाना राशिद अहमद, कादरी मस्जिद के मौलाना अब्दुल रहमान तथा मदरसा के मौलाना अल्ताफ हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि मोहर्रम त्याग, बलिदान, सब्र और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने समाज में प्रेम, आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया।
धार्मिक जानकारों के अनुसार मेहंदी की रात मुस्लिम समुदाय की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है। इस अवसर पर श्रद्धालु हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद कर अपनी अकीदत पेश करते हैं। यह आयोजन नई पीढ़ी को कर्बला के बलिदान और उसके संदेश से जोड़ने के साथ-साथ समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी माना जाता है।