लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
UCC पर 20 अगस्त से शुरू सत्र में विधेयक की संभावना
जोधपुर में मीडिया से बोले कैबिनेट मंत्री- ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत राज और निकाय चुनाव कराने की तैयारी; विपक्ष विधानसभा में व्यवधान के बजाय जनहित के मुद्दों पर चर्चा करे
जोधपुर। राजस्थान के कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल जोधपुर पहुंचे। सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ओबीसी आरक्षण, आगामी विधानसभा सत्र, समान नागरिक संहिता (UCC), बारिश, पेयजल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा।
‘ओबीसी आरक्षण में किसी वर्ग का हक नहीं घटेगा’
ओबीसी आरक्षण को लेकर जोगाराम पटेल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों में स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए ओबीसी आयोग के गठन और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई थी।
उन्होंने पिछली सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मार्च 2021 के बाद करीब तीन साल तक ओबीसी आयोग का गठन क्यों नहीं किया गया।
पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओबीसी आयोग का गठन किया। आयोग ने पूरे राजस्थान में सर्वे कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सरकार का प्रयास है कि आयोग की सलाह के अनुसार ओबीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ देते हुए पंचायत राज और निकाय चुनाव करवाए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी वर्ग का आरक्षण कम नहीं कर रही है। संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के अनुरूप एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं सहित सभी वर्गों के अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का स्पष्ट मानना है कि सभी वर्ग सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और प्रत्येक वर्ग को उसका अधिकार मिलना चाहिए।
विधानसभा सत्र में जनहित के मुद्दों पर चर्चा की अपील
आगामी विधानसभा सत्र को लेकर मंत्री पटेल ने कहा कि राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपरा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि विधानसभा का फ्लोर व्यवधान पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि राजस्थान के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए है। सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों को गंभीरता से सुनेगी और समाधान का प्रयास करेगी।
हालांकि उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष संसद की तरह विधानसभा में भी व्यवधान पैदा करने का प्रयास करेगा तो सत्ता पक्ष के विधायक भी उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं।
UCC पर 20 अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में विधेयक की संभावना
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर जोगाराम पटेल ने कहा कि इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है और फिलहाल उसका परीक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में UCC सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाए जाने की पूरी संभावना है। सरकार सत्र के दौरान अधिक से अधिक विधायी कार्य कराने का प्रयास करेगी।
मंत्री ने विपक्ष से भी विधेयकों पर सकारात्मक बहस और चर्चा में सहयोग करने की अपील की।
बारिश को लेकर बोले- जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराएंगे पेयजल और चारा
प्रदेश में बारिश की स्थिति को लेकर पटेल ने कहा कि कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई है। अभी सावन का महीना चल रहा है और आगे भी बारिश होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि सरकार आमजन, पशु-पक्षियों और विशेष रूप से पशुधन के लिए पेयजल, चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर जनता को खाद्य सामग्री और पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
जोधपुर हत्या मामले में जल्द खुलासा करने के निर्देश
जोधपुर में हुई हत्या की घटना पर मंत्री ने इसे गंभीर और निंदनीय बताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गहन जांच कर जल्द से जल्द हत्या का राज खोलने की बात कही।
पटेल ने कहा कि मामले में देरी क्यों हो रही है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी और पुलिस प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
पेयजल शिकायतों पर बोले- नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास
जोधपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर मिल रही शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। गर्मी के दौरान टैंकरों के माध्यम से भी लोगों को पानी उपलब्ध करवाया गया था।
उन्होंने कहा कि दूषित पानी और नियमित जलापूर्ति नहीं होने जैसी शिकायतों का समय पर निराकरण किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने नहीं आएं, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए जाएंगे।
मंत्री जोगाराम पटेल के बयानों से साफ है कि सरकार आगामी पंचायत राज और निकाय चुनावों, विधानसभा सत्र और UCC जैसे मुद्दों को लेकर अपनी तैयारियों को आगे बढ़ा रही है, वहीं बारिश और पेयजल जैसी स्थानीय समस्याओं पर भी प्रशासनिक स्तर पर निगरानी का दावा किया गया है।
