लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भरतपुर। संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त की भारी कमी के चलते मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन 35 से 38 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार बढ़ती मांग और रक्तदान शिविरों की कमी के कारण ब्लड बैंक का स्टॉक तेजी से घट गया है।
सबसे अधिक संकट A+ (ए पॉजिटिव) ब्लड ग्रुप का है। जनाना अस्पताल में डिलीवरी के मामलों में बढ़ोतरी के कारण इस ब्लड ग्रुप की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
रीजेंट की कमी से बढ़ी परेशानी
ब्लड बैंक में उपलब्ध कुछ रक्त यूनिट भी रीजेंट की कमी के कारण प्रोसेस (प्यूरिफाई) नहीं हो पा रही हैं। इससे मरीजों के परिजन ब्लड की तलाश में दिनभर अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सामाजिक संगठनों से रक्तदान की अपील
आरबीएम अस्पताल के पीएमओ डॉ. नगेंद्र भदौरिया ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से ब्लड बैंक में रक्त की कमी बनी हुई है। वर्तमान में ब्लड बैंक में औसतन 60 से 70 यूनिट का ही स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में नियमित रक्तदान शिविरों के कारण पर्याप्त स्टॉक रहता है और जरूरत पड़ने पर अन्य ब्लड बैंकों को भी रक्त उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन गर्मियों में रक्तदान शिविर कम होने और दानदाताओं की संख्या घटने से संकट पैदा हो गया है।
जल्द दूर होगी समस्या
पीएमओ ने बताया कि रीजेंट की मांग संबंधित विभाग को भेज दी गई है और इसके जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।