लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने में लोक अभियोजकों की अहम भूमिका
मजबूत कानून-व्यवस्था और सुलभ न्याय से सुशासन की संकल्पना हो रही साकार
– लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों ने फीस में बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और सुलभ न्याय के माध्यम से आमजन में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होता है, जिससे प्रदेश में सुशासन की संकल्पना साकार होती है। उन्होंने कहा कि लोक अभियोजक न्यायिक प्रक्रिया में वो कड़ी है, जिसकी न्यायालयों में सरकार की पैरवी से लेकर अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद एवं पीड़ित लोग न्याय की आस में आते हैं। ऐसे में संवेदनशीलता एवं सकारात्मक व्यवहार उनके मन में विश्वास को बढ़ाता है। लोक अभियोजकों को कानून के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। 

रिटेनरशिप, एपीयरेंस एवं ओपिनियन फीस में वृद्धि की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप और एपीयरेंस फीस बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही उनकी ड्राफ्टिंग एवं ओपिनियन फीस में भी वृद्धि करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि विधि अधिकारियों की समस्याओं के समाधान और उनके साथ नियमित संवाद के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ताओं को संभागवार जिम्मेदारी दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों में नियुक्त विधि अधिकारियों के पारिश्रमिक में अब तक दो बार वृद्धि की है। कार्यक्रम में लोक अभियोजकों एवं विधि अधिकारियों ने पारिश्रमिक एवं फीस में वृद्धि किए जाने के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का लें लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक अभियोजकों को वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का लाभ उपलब्ध करवाने के लिए नियमित सेमिनार एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि प्रकरणों में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का सामूहिक चर्चा के माध्यम से समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि विभागों एवं जिला स्तर पर भी उच्चाधिकारियों के साथ समन्वय एवं संवाद की व्यवस्था मजबूत की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायालयों में प्रकरणों के वर्षों से लंबित रहने से परियोजनाओं की लागत बढ़ जाती है तथा इसके क्रियान्वयन में विलंब होता है। ऐसे में जनहित से जुड़े प्रकरणों की पहचान कर उनके शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले एवं विभागों में ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार की जाए तथा इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
राज्य सरकार ने 80 न्यायालयों का किया सृजन
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 14 जिला एवं सेशन न्यायालय, 2 अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय, 8 सीजेएम, 8 एसीजेएम सहित एसीबी, पॉक्सो, एन.आई., एनडीपीएस और वाणिज्यिक न्यायालय सृजित किए हैं। साथ ही, राज्य सरकार ने राजस्थान उच्च न्यायालय में 10 अतिरिक्त महाधिवक्ता, 9 एजीसी एवं 2 विशिष्ट लोक अभियोजक के नए पदों का भी सृजन किया है। नवीन अतिरिक्त महाधिवक्ताओं के कार्यालयों के लिए मंत्रालयिक संवर्ग के कुल 40 नवीन पद सृजित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लोक अभियोजक, विशिष्ट लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक के 76, अधीनस्थ कार्यालयों में मंत्रालयिक संवर्ग के 109 तथा होमगार्ड के 77 नवीन पद सृजित किए हैं। इसके अलावा लोक अभियोजकों के कार्य को सुगम बनाने के लिए कार्यालयों की स्थापना के साथ ही कम्प्यूटर, अधीनस्थ स्टाफ जैसी सुविधाओं पर भी काम हो रहा है।
1 लाख से अधिक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय सुलभ रूप से पहुंचे। इसी दिशा में राज्य सरकार ने 27 हजार 251 व्यक्तियों को कैदी व बाल सुरक्षा योजना के तहत विधिक सहायता, 3 हजार 905 पीड़ितों को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के अंतर्गत 84 करोड़ 53 लाख रुपये का प्रतिकर और 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर 76 लाख 67 हजार व्यक्तियों को लाभान्वित किया है। इसी तरह जेलों में बंद किशोरों की पहचान और उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए युवाओं का पुनर्वास अभियान संचालित करने के साथ ही, उड़ान योजना छात्रवृत्ति प्रारम्भ की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के विकास का रोडमैप बनाया, जिसके तहत पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार एवं सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसे कार्यों को गति प्रदान दे रही है। वहीं उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से लगभग 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं।
3 लाख 80 हजार पदों पर भर्तियों का मार्ग प्रशस्त
उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी क्षेत्र में 4 लाख नौकरियां देने के वादे को पूरा करने के क्रम में अब तक 1 लाख 78 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। 1 लाख 32 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वहीं, 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार कृषि, सहकारिता, डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए मजबूत फैसले ले रही है।
इस अवसर पर विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पिछले ढ़ाई वर्षों में लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम सहित कई कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि लोक अभियोजक सरकार की मंशा को साकार करने की दिशा में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें।
सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार लोकतंत्र की मजबूती तथा आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद, प्रमुख शासन सचिव विधि राघवेंद्र काछवाल सहित अतिरिक्त महाधिवक्ता, लोक अभियोजक एवं विधि अधिकारीगण उपस्थित रहे।