लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भविष्य की रणनीति भी बताई
* गंभीर अपराधों में 4.65% की कमी, पेपर लीक पर लगी रोक
* बड़े ड्रग माफिया और गैंगस्टर्स की संपत्तियां होंगी कुर्क
जयपुर,।(रूपनारायण सांवरिया) राजस्थान पुलिस ने विगत समय में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट, पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई, नशा तस्करों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त अभियान तथा नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन ने प्रदेश की पुलिसिंग को नई पहचान दी है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गत 6 महिनों की उपलब्धियों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि अब राजस्थान पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
डीजीपी शर्मा ने मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि पुलिस की सजगता और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के चलते 2025 की प्रथम छमाही तथा 2026 की समान अवधि की तुलना में इस वर्ष भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज होने वाले कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई है। 2025 की समान अवधि में 99272 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2026 की इस अवधि में यह संख्या घटकर 94652 रह गई है। इसके विपरीत, पुलिस द्वारा की गई स्वतः स्फूर्त कार्रवाई के कारण स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि (49087 से बढ़कर 51172 केस) दर्ज हुई है, जो अपराधियों के खिलाफ पुलिस की आक्रामक रणनीति को प्रदर्शित करती है।
अपराधों में बड़ी गिरावट :
शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य में अपराध के लगभग सभी मुख्य शीर्षकों में बड़ी कमी दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में हत्या के मामलों में 4.41% (703 से घटकर 672), हत्या के प्रयास में 11.17% (1288 से घटकर 1145 ), डकैती में 16.28% (43 से घटकर 36) और लूट की वारदातों में 19.93% (577 से घटकर 462 प्रकरण) की भारी गिरावट आई है। इसी तरह व्यपहरण/अपहरण के मामलों में 4.72% (5211 से घटकर 4965 प्रकरण), बालिग दुष्कर्म के मामलों में 13.36% (2088 से घटकर 1809) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मुकदमों में 20.90 प्रतिशत की कमी (1651 से घटकर 1306) देखी गई है।
कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर भी एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में समग्र रूप से 18.81% (3121 से घटकर 2534 प्रकरण) की कमी आई है ।
संपत्ति संबंधित अपराधों में ऐतिहासिक सुधार :
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शर्मा ने संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की माल बरामदगी के ऐतिहासिक सुधारों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि लूट के मामलों में बरामदगी का प्रतिशत 71% से बढ़कर 79.09% और नकबजनी जैसे मामलों में माल बरामदगी महज 9.58% के स्तर से अभूतपूर्व छलांग लगाते हुए 58.24% तक पहुंच चुकी है। इसके साथ ही चोरी के माल की रिकवरी भी 10.34% से सुधरकर 24.79% हो गई है।
नशे और अवैध हथियारों के सौदागरों के खिलाफ चलाए गए अभियान की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस अवधि में आबकारी अधिनियम में 2.06% (24,310 से 24,811), आर्म्स एक्ट में 4.23% (6,428 से 6,700) तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में रिकॉर्ड 29.94% की बढ़ोतरी करते हुए कुल 7,195 मामले दर्ज कर बड़े ड्रग सिंडिकेट्स को ध्वस्त किया गया है।
इसके अलावा महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से एडीजी सिविल राइट के अधीन अनुसंधान की गति को तेज किया गया है। इसके तहत पोक्सो के तहत दर्ज मामलों में पुलिस का औसत अनुसंधान समय जो वर्ष 2024-25 में 78.2 दिन था, वह 2025-26 में घटकर 51.2 दिन और रेप के मामलों में 81 दिन से घटकर 52 दिन रह गया है, जो कि पुलिस की कार्यकुशलता का एक बड़ा प्रमाण है।
महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने बताया कि समान अवधि में महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 6.44% की कमी(5407 से घटकर 5059), दुष्कर्म के प्रकरणों में 13.36% की कमी (2088 से घटकर 1809 प्रकरण) हुई है, तथा पोकसो के प्रकरणों में 20.90% की गिरावट दर्ज की गई है। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा सखी और महिला सलाह सुरक्षा केंद्र जैसी इकाइयों को ऑपरेशन गरिमा व ऑपरेशन खुशी के तहत और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
साइबर अपराधों पर भी कसी लगाम :
राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की है। बजट घोषणा वर्ष 2026-27 में माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा 100 करोड़ का प्रावधान रखते हुए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर(R4C) की स्थापना एवं AI दक्ष 1930 कॉल सेंटर की स्थापना की घोषणा की है, जो प्रक्रियाधीन है। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमतावर्धन कर वर्तमान में कुल 53 लाइन 24*7 तीन शिफ्टों में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर 9256001930 एवं 9257510100 भी उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क गठित की गई है। 10 जनवरी 2026 से 5 लाख रुपये तक के साइबर अपराधों के लिए जीरो-एफआईआर सुविधा शुरू होने के बाद अब तक 405 ऑनलाइन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
साइबर शिकायतों की संख्या वर्ष वर्ष 2025 में 1,47,384 रही, जबकि 30 जून 2026 तक 84,916 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। वर्ष 2025 में कुल 3,432 प्रकरण दर्ज हुए तथा 768.7 करोड़ रुपये की राशि होल्ड की गई। होल्ड राशि का प्रतिशत बढ़कर 23.54 प्रतिशत से 26.47 प्रतिशत हो गया।
राजस्थान पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट जैसे उभरते साइबर अपराधों पर भी प्रभावी कार्रवाई की है। वर्ष 2023 से जून 2026 तक कुल 136 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 174 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 52.23 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड की गई।
राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस एवं म्यूल हंटर एवं वज्र प्रहार जैसे विशेष अभियानों के माध्यम से साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इन अभियानों में बड़ी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी, मोबाइल एवं सिम कार्ड जब्त करने के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी राशि फ्रीज कर पीड़ितों को लौटाई गई है।
साइबर अपराधों के तहत 30 जून 2026 तक CEIR पोर्टल के माध्यम से 1.84 लाख गुमशुदा मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61,346 मोबाइल उनके मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं। वहीं साइबर अपराधों में प्रयुक्त 1.25 लाख से अधिक सिम एवं 1.19 लाख IMEI ब्लॉक किए गए हैं।
नशे के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही :
राजस्थान पुलिस ने मादक पदार्थों के विरुद्ध सप्लाई चेन पर कार्रवाई, डिमांड कम करने तथा नशे की लत से मुक्ति की त्रिस्तरीय रणनीति के तहत व्यापक अभियान चलाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
वर्ष 2025 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 69 तथा वर्ष 2026 में अब तक 23 इस्तगासों के माध्यम से अवैध मादक तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। राज्यभर में वर्ष 2025-26 के दौरान 34 प्रकरण दर्ज कर 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 20 जिलों में चिन्हित 224 हॉटस्पॉट (किंग पिन) के विरुद्ध विशेष कार्रवाई की गई।
अवैध मादक तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वर्ष 2025 में 66 प्रकरणों में 55.01 करोड़ रुपये की संपत्तियों की तथा वर्ष 2026 में अब तक 15 प्रकरणों में 7.36 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
एटीएस की कार्यवाही :
एटीएस राजस्थान की आतंकवाद, अवैध विस्फोटक, हथियार एवं मादक पदार्थ तस्करों पर बड़ी कार्यवाही की गई। एटीएस राजस्थान ने 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के दौरान आतंकवाद एवं संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए यूएपीए (UAPA) के तहत 3 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अवैध विस्फोटक पदार्थों के मामलों में 7 प्रकरण दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं उपकरण जब्त किए। इस अवधि में अवैध हथियारों के विरुद्ध अभियान चलाकर 5 प्रकरण दर्ज, 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा हथियार एवं कारतूस बरामद किए गए। वहीं मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए। एटीएस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 66 आईटी ऐक्ट से जुड़ी सूचनाओं का सफल निराकरण किया।
सोशल मीडिया निगरानी के तहत 728 संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई तथा कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित 15 युवाओं की डी-रेडिकलाइजेशन प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न मामलों में घोषित 25 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर ₹4.65 लाख की इनामी राशि वितरित की गई।
खुली पदोन्नति की राह:
महानिदेशक पुलिस शर्मा ने बताया कि राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग में वर्षों से उच्च पदों में वृद्धि नहीं होने की स्थिति में लंबे समय से लंबित पदोन्नति अवसरों को अब गति मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कैडर पुनर्गठन करते हुए चालक, घुड़सवार और बैंड शाखाओं में पदोन्नतियों की राह खोली है और पुलिसकर्मियों को सेवा समर्पण का एक बड़ा उपहार दिया है। गृह विभाग, राजस्थान द्वारा 23 जून 2026 को एक स्वीकृति जारी की गई है, जिसमें संवर्ग के 403 पदों को उच्च पदों में पुनर्गठित किया गया है। इस कैडर पुनर्गठन के निर्णय से अब तकनीकी संवर्ग में भी सिविल संवर्ग की तरह समयानुसार पदोन्नतियों हो सकेंगी।
यह रहेगा भविष्य का रोडमेप
अंत में भविष्य का रोडमैप साझा करते हुए महानिदेशक पुलिस शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में सीआईडी (सीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से एनडीपीएस एक्ट के बड़े तस्करों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को BNSS की धारा 107, BNS की धारा 111, 112 और PIT-NDPS के तहत कुर्क व जब्त करने की कार्रवाई बड़े स्तर पर की जाएगी। इसके साथ ही, रंगदारी (फिरौती) के लिए फायरिंग करने वाले और धमकी देने वाले गैंगस्टर्स के खिलाफ एजीटीएफ के विशेष ऑपरेशन्स जारी रहेंगे, और जरूरत पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों को भी प्रत्यर्पित करने की कार्यवाहियाँ की जाएंगी। राज्य में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दृष्टि से R4C के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी।
इस मौके पर ANTF व ATS के ADG दिनेश एमएन ने मीडियाकर्मियों के जवाब में ANTF व ATS द्वारा की जा रही विशिष्ट कार्यवाहियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आरंभ में मुख्यालय DIG कुंवर राष्ट्रदीप ने राजस्थान पुलिस की पिछले 6 महीने की उपलब्धियों के बारे में एक प्रस्तुतिकरण दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजी पुलिस प्रशिक्षण अनिल पालीवाल, समस्त ADG व पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















































