लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
संभागीय आयुक्त ने किया मौका निरीक्षण
सिरोही। राजस्थान सरकार के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने मंगलवार को सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के चार ग्राम पंचायत क्षेत्रों में प्रस्तावित खनन परियोजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद भारजा गांव में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए इसे निरस्त करने की मांग उठाई।
सिरोही के खनिज अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, राजस्थान सरकार के 8 फरवरी 2026 के आदेश के तहत मैसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित खनन परियोजना, खनन गतिविधियों और संभावित पर्यावरणीय प्रभावों की जांच के लिए जोधपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
इसी क्रम में समिति ने मंगलवार को प्रस्तावित खनन क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इसके बाद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भारजा में जनसुनवाई आयोजित कर क्षेत्रवासियों की शिकायतें और सुझाव सुने गए। ग्रामीणों ने मौखिक और लिखित रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए सरकार से परियोजना को रद्द करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन गतिविधियों से पर्यावरण, जल स्रोतों, वन्यजीवों तथा स्थानीय जनजीवन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने 19 सितंबर 2025 को आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उस समय आम जनता को परियोजना संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिससे क्षेत्र में असंतोष व्याप्त है।
जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर परियोजना का विरोध किया और तथ्यों सहित अपना पक्ष जांच समिति के समक्ष रखा। इस अवसर पर सिरोही जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खनन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जांच समिति ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी परिवेदनाओं और आपत्तियों को यथावत राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें समिति की रिपोर्ट और सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।



















































