लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भीलवाड़ा । (पंकज पोरवाल) प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण ने बुधवार को 85 करोड़ रुपये का एमओयू (समझौता ज्ञापन) हस्ताक्षरित किया। तीन वर्षों की अवधि के लिए संपन्न इस समझौते के तहत डीग स्थित पूंछरी का लौठा में हेरिटेज कॉरिडोर के विकास हेतु सीएसआर पहल के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के सीईओ रामरतन और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने की। इस मौके पर हेड सीएसआर वेदांता ग्रुप एवं हिंदुस्तान जिंक अनुपम निधि, सीओओ किशोर एस, हेड कॉरपोरेट अफेयर्स सौरव डींडा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
परियोजना में शामिल होंगे ये कार्य
इस परियोजना के तहत पूंछरी का लौठा क्षेत्र में हेरिटेज कॉरिडोर का विकास किया जाएगा, जिसमें बॉटैनिकल गार्डन, परिक्रमा मार्ग का सुधार, सुरक्षित आवागमन, पर्यटकों के लिए सुविधाएँ तथा स्थानीय आजीविका को सशक्त करने की पहल शामिल होगी। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह स्थल गोवर्धन पर्वत की पूंछ के रूप में ब्रज सांस्कृतिक परिदृश्य का प्रमुख केंद्र है।
धरोहर और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा, “राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से पूंछरी का लौठा में विकसित किया जा रहा सांस्कृतिक कॉरिडोर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका और आध्यात्मिक अनुभवों को समृद्ध करेगा।”
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा, “विरासत हमारी पहचान है। हमें गर्व है कि हम इस संरक्षण अभियान में भागीदार हैं। हमारी पहल स्थानीय लोगों को लाभान्वित करेगी, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगी।”
समाज हित में चल रही अन्य पहलें
हिंदुस्तान जिंक ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी परियोजनाओं के माध्यम से अब तक 2.3 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। कंपनी महिलाओं के कौशल विकास, समावेशी खेल, स्वास्थ्य सेवा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय है। वित्त वर्ष 2025 तक कंपनी ने 2,300 से अधिक गाँवों में प्रभाव डाला है और इसे भारत की शीर्ष 10 सीएसआर खर्च करने वाली कंपनियों में शामिल किया गया है।
स्थायी पर्यटन और स्थानीय आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
पूंछरी का लौठा में हेरिटेज कॉरिडोर का विकास न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि स्थायी पर्यटन के अवसरों का सृजन कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। इस साझेदारी से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि उद्योग और सरकार मिलकर विरासत संरक्षण और समाज कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं।
