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अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा देश व्यापी हड़ताल

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा देश व्यापी हड़ताल कर 11 सूत्री मांग पत्र को लागू करवाने के लिए किया गया एकदिवसीय धरना एवं प्रदर्शन 

प्रतापगढ़। आज  अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिला मुख्यालय प्रतापगढ़ पर 11 सूत्री मांगपत्र को लागू करवाने के लिए एकदिवसीय धरना एवं प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर प्रतापगढ़ के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन दिया गया।

महासंघ के जिला संयोजक राधे श्याम धाकड़ ने बताया कि महासंघ का 11 सूत्री मांग पत्र सरकार के स्तर पर लम्बित है लेकिन शासन एवं सरकार की ओर से महासंघ के मांगपत्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है।

धाकड़ ने बताया कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की महत्वपूर्ण योजना आर.जी.एच.एस में भी लगातार कटौतियां की जा रही है। जबकि यह योजना राजनीतिक भ्रष्टाचार की शिकार हुई है

शिक्षक संघ शेखावत के जिला अध्यक्ष सुखराम निनामा और महामंत्री कांतिलाल निनामा पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की मांग की । पशु चिकित्सा सेवा संघ से जिला अध्यक्ष अमरचंद बामनिया और महामंत्री कन्हैया लाल मीणा ने भारत पाक युद्ध के दौरान इमरजेंसी में अपने गृह क्षेत्र से दूर बॉर्डर पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों को पुनः यथा स्थान नियुक्ति दी जाए और ऑनलाइन अटेंडेंस पोर्टल पर बंद की जाने की मांग की।। ग्राम विकास अधिकारी संघ के उपाध्यक्ष रविंद्र राव ने पंचायत राज में पदोन्नति के अवसर बढ़ाने और डीपी सी बिठाने की मांग की।
इसी तरह कृषि पर्यवेक्षक संघ पटवार संघ गिर्दा और संघ नर्सिंग एसोसिएशन सभी से आज की धरने में ज्ञापन देखकर के सभी के संयुक्त मांग पत्र जो कि महासंघ के द्वारा प्रसिद्ध किया गया है उसको सरकार के द्वारा तुरंत अमल में ले जाने की मांग की गई।
राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों वादाखिलाफी एवं संवाद हीनता के विरोध में तथा महासंघ के 11 सूत्री मांग पत्र को लागू करने के लिए प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर चुरू जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर, प्रतापगढ़ के जरिए मुख्यमंत्री महोदय को प्रेषित ज्ञापन की मुख्य मांगे-

यह है मुख्य मांगे :–
1:– पीएफआरडीए अधिनियम को निरस्त कर राज्य कर्मचारियों के 53000 करोड रुपए जीपीएफ खातों में जमा किए जाएं किया जावे ।

2:– 9,18 एवं 27 वर्ष की सेवा पर एसीपी के स्थान पर 7,14,21, एवं 28 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत किया जावे।
3:–विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा किए गए समझौतों एवं सहमतियों को लागू किया जावे ।

4:– सहायक कर्मचारियों को एमटीएस घोषित किया जावे।

5:– नियमित पदों पर संविदा कार्मिकों के भर्ती के लिए जारी संविदा नियम 2022 को प्रत्याहारित कर रिक्त पदों पर नियुक्त संविदा कार्मिकों / अस्थाई कार्मिकों को नियमित किया जावे।

6:– जनवरी 2020 से जून ,2021 तक का महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जावे।

7:– प्रदेश में लागू की गई पुरानी पेंशन योजना के पश्चात कर्मचारियों के एनपीएस में कटौती की गई राशि जी पी एफ खाते में स्थानांतरित की जावे तथा कर्मचारियों द्वारा लिए गए ऋण की वसूली के जारी आदेशों को प्रत्याहारित किया जावे।

8:– प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारियों को शासन सचिवालय के समान वेतन भत्ते स्वीकृत किए जावे।

9:– कर्मचारी संगठनों के धरना प्रदर्शन पर रोक के लिए सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक निर्णय कर जारी किए गए नो वर्क नो पे के आदेश दिनांक 05.10.2018 को प्रत्याहरित किया जावे।

10. राज्य सरकार, बोर्ड, निगम, सहकारी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों के लिए समान काम समान वेतन की नीति लागू की जाए। पूर्व के वेतन मनों में उत्पन्न वेतन विसंगतियों को दूर कर कार्मिकों का न्यूनतम वेतन 26000 रुपए किया जाए।

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