लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
शिक्षा के साथ संस्कार और समाज जागरण पर दिया गया जोर
लोकेशन: भरतपुर
रिपोर्ट: राजेन्द्र शर्मा जती, भरतपुर
भरतपुर। विद्या भारती संस्थान जयपुर की योजना के अनुसार आदर्श विद्या मन्दिर समिति भरतपुर द्वारा उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मन्दिर, केशव नगर, भरतपुर में जिले के सभी स्थायी व अस्थायी आचार्य एवं दीदीयों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
सम्मेलन के द्वितीय दिवस के वंदना सत्र में जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) भरतपुर सुरेन्द्र कुमार गोपालिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “आदर्श विद्या मन्दिर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कार एवं चरित्र निर्माण में भी योगदान देते हैं और समाज जागरण के कार्यों में सहयोग करते हैं।”
128 आचार्य-दीदी शामिल
इस सम्मेलन में 128 आचार्य और दीदी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता केदार सैनी (सैनी मिष्ठान भंडार, भरतपुर) ने की और आदर्श विद्या मन्दिरों को संस्कारों का मंदिर बताया।
विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर समिति के व्यवस्थापक मल्ल सिंह, कोषाध्यक्ष अमित कुमार अग्रवाल, जिला सचिव संतोष कुमार कटारा, जिला संस्कार केन्द्र एवं शिशुवाटिका प्रमुख चैतन्य प्रकाश अग्रवाल, लोकेश चन्द्र जैन, राजेश कुमार शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार, नरेन्द्र सिंह, इन्द्र प्रकाश, राधाकृष्ण दुबे मौजूद रहे।
सत्र व संचालन
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मंच संचालन जिला सचिव संतोष कुमार कटारा ने किया।
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आभार ज्ञापन समिति के व्यवस्थापक मल्ल सिंह ने व्यक्त किया।
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द्वितीय सत्र में विद्या भारती संस्थान जयपुर के सह मंत्री कान सिंह सोलंकी ने आचार्य विकास की परिकल्पना पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्य आचार्य विकास से जुड़ा हुआ है।
निष्कर्ष
भरतपुर में आयोजित यह सम्मेलन शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के संगम का प्रतीक रहा। विद्या भारती परिवार का यह प्रयास आचार्य-दीदी विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक कदम है।





















































