लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
8 किमी रेंज वाला 120 किलो का सोलर क्रूज शिप बनाकर भी बटोरी सुर्खियां
पीसांगन (अजमेर): कस्बे के के. सुनील राज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र साहिल खान ने दसवीं बोर्ड परीक्षा में 98.83 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने परिवार, स्कूल और पूरे कस्बे का नाम रोशन किया है।
साहिल की इस उपलब्धि पर परिजनों, गुरुजनों और कस्बेवासियों ने उनका माल्यार्पण, साफा पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया।
साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
साहिल मूल रूप से नूरियावास (पीसांगन) के निवासी हैं।
- पिता कालू खान रोडवेज बस चालक हैं
- माता शहनाज बानो गृहिणी हैं
साहिल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, स्कूल की प्रधानाचार्य कौशल्या गुप्ता, निदेशक अनिल गुप्ता और गुरुजनों को दिया।

बीमारी के बावजूद नहीं डिगा हौसला
साहिल ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान अक्टूबर-नवंबर में पेट दर्द की गंभीर समस्या आई और डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बीमारी के बावजूद पढ़ाई जारी रखते हुए शानदार परिणाम हासिल किया।
पढ़ाई की रणनीति
- नियमित अध्ययन को सफलता की कुंजी बताया
- कठिन लक्ष्य भी निरंतर अभ्यास से संभव
- भविष्य में गणित के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा
साइंस में खास रुचि, JEE की तैयारी का लक्ष्य
साहिल पढ़ाई के साथ-साथ साइंस एक्सपेरिमेंट में विशेष रुचि रखते हैं।
उन्होंने आगे चलकर JEE मेन्स क्लियर करने का लक्ष्य रखा है।

120 किलो का सोलर क्रूज शिप बनाकर चौंकाया
साहिल की प्रतिभा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है। उन्होंने:
- 120 किलोग्राम वजनी क्रूज शिप तैयार किया
- 8 किलोमीटर रेंज से वायरलेस रिमोट कंट्रोल
- लागत लगभग 50-60 हजार रुपये
- सौर ऊर्जा (Solar Powered) से संचालित
इस मॉडल में शामिल किए गए:
- फुटबॉल मैदान
- स्विमिंग पूल
- गेहूं की फसल वाला खेत
- 5 व 7 स्टार होटल
- पावर प्लांट
- गार्डन और एयरपोर्ट
हालांकि आर्थिक तंगी के कारण यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया था।

स्कूल निदेशक बने सहारा
साहिल की प्रतिभा को देखते हुए स्कूल निदेशक अनिल गुप्ता ने प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू कराने और पूरा खर्च उठाने की घोषणा की है।
बहन भी रह चुकी है टॉपर
साहिल की बड़ी बहन इमराना बानो भी प्रतिभाशाली हैं—
- 12वीं साइंस में 98.20% अंक
- पीसांगन ब्लॉक में प्रथम
- जिले में अल्पसंख्यक समुदाय में टॉपर
साहिल खान की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है।
उनकी उपलब्धि न केवल पीसांगन, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणा है।

















































