सुशासन की दिशा में बढ़ते कदम,मुख्यमंत्री की मंशा हो रही साकार

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर में विकास ले रहा आकार…जिला प्रशासन के नवाचार बन रहे आधार
(लेखक- नरेन्द्र सिंह शेखावत, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
जयपुर | मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के सक्षम नेतृत्व और दूरदृष्टि के साथ रेगिस्तान की धरती पर सुशासन के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। अंत्योदय के साथ समावेशी विकास राजस्थान की पहचान बन चुका है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राजधानी जयपुर में जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहा है।मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में जयपुर सुशासन, समावेशी विकास और नवाचार की एक साथ चलती धारा का साक्षी बन रहा है। रास्ता खोलो, नरेगा आखर, लाडेसर, बिटिया गौरव पेटी, सक्षम जयपुर अभियान, नशा मुक्त जयपुर अभियान जैसी पहलों ने जयपुर जिला प्रशासन ने ना केवल सुशासन की दिशा में मिसाल कायम की बल्कि सिस्टम के प्रति जन विश्वास को नई ऊँचाई दी। जयपुर आज केवल कार्यों की सूची नहीं, बल्कि एक जीवंत मॉडल है। जहाँ नीतियाँ जमीन पर उतरती हैं, व्यवस्थाएँ लोगों तक पहुंचती हैं, और बदलाव दिखता है, महसूस होता है।

सुशासन विज़न को साकार करते हुए टीम जिला प्रशासन ने जयपुर को मॉडल जिला के रूप में स्थापित किया है। जिला प्रशासन के नवाचार प्रशासनिक उपलब्धियों की गिनती भर नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि जब संवेदनशीलता, नवाचार और दूरदर्शिता साथ चलें, तो परिवर्तन अवश्यंभावी हो जाता है।

मुख्यमंत्री  भजन लाल शर्मा के काबिल नेतृत्व में जयपुर जिला प्रशासन के प्रयासों ने न केवल सरकारी योजनाओं के माध्यम से आमजन के जीवन में गुणात्मक सुधार लाया है, बल्कि नवाचारपूर्ण प्रशासनिक सुधारों के जरिए समाज के में सकारात्मक परिवर्तन के अग्रदूत के रूप में पहचान मजबूत की है। राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन समाज के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

विगत एक वर्ष में जयपुर जिला प्रशासन के नवाचार ना केवल मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के सुशासन के विजन को हुबहु साकार करते नजर आए बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े सर्वसाधारण की जिंदगी आसान बनाने में कारगर साबित हुए।

ग्रामीणों के लिए बना वरदान…’रास्ता खोलो अभियान’
मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में जयपुर जिले में 15 नवंबर 2025 से संचालित रास्ता खालो अभियान अब ग्रामीणों एवं किसानों के लिए राहत का दूसरा नाम बन गया है। मुख्यमंत्री l भजनलाल शर्मा की संवेदनशीलता और दूरदृष्टि से प्रेरित यह पहल न केवल अतिक्रमण मुक्त करने का प्रशासनिक प्रयास है, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसमें शासन जनता की रोजमर्रा की तकलीफों को समझकर उनका स्थायी समाधान करता है।
महज एक वर्ष में जयपुर जिला प्रशासन द्वारा 1 हजार 481 रास्ते खुलवाना इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील नेतृत्व किस तरह बदलाव ला सकता है। ग्रामीणों ने जब देखा कि उनकी पीढ़ियों से चली आ रही समस्या अब खत्म हो रही है, तो उनके चेहरे पर वही सुकून झलकने लगा जो बरसों से इंतजार में था। इतना ही नहीं खुलवाए गए रास्तों पर फिर से अतिक्रमण ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अब तक 266 किलोमीटर से अधिक ग्रेवल एवं 10 किलोमीटर से अधिक लंबी इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण करवाया जा चुका है।

नरेगा आखर अभियान: शिक्षा से सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा की प्रेरणा से जयपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित नरेगा आखर अभियान शिक्षा से सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। नरेगा कार्यस्थल अब केवल मजदूरी की जगह नहीं, बल्कि वे अब ज्ञान और सशक्तिकरण के केंद्र बनकर उभर रहे हैं। जयपुर जिला प्रशासन की पहल से सैकड़ों ग्रामीण श्रमिकों की जिंदगी की दशा और दिशा बदलती नजर आ रही है। यह अभियान सिर्फ अक्षरज्ञान नहीं सिखाता, बल्कि आत्मविश्वास, अधिकारों की समझ और तकनीकी युग में कदम से कदम मिलाकर चलने की ताकत भी देता है।

जयपुर में कार्यरत कुल 2 लाख 14 हजार 907 मनरेगा श्रमिकों में सर्वे के बाद 47 हजार से अधिक श्रमिक निरक्षर पाए गए। नरेगा आखर अभियान के तहत अब तक जयपुर जिले में प्रशिक्षण प्राप्त 4 हजार 692 मेटों एवं कार्मिकों ने 46 हजार 924 मनरेगा श्रमिकों को उल्लास पोर्टल पर पंजीकृत करने के पश्चात 46 हजार 419 श्रमिकों को हस्ताक्षर करना, 44 हजार 205 श्रमिकों को सामान्य अक्षर ज्ञान, 43 हजार 307 श्रमिकों को बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान हासिल करवाने में सफलता हासिल की है। वहीं, 42 हजार 837 पात्र श्रमिकों में से 41 हजार 325 श्रमिक बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक असेसमेंट टेस्ट में शामिल हुए और 41 हजार 290 श्रमिकों ने इस परीक्षा को पास कर नरेगा आखर अभियान की मंशा को साकार किया।
कार्ययोजना के तहत अभियान के अगले चरण में बैंकिंग, खाता संचालन, एटीएम,यूपीआई, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव, डिजिटल साक्षरता में मोबाइल फोन का सुरक्षित उपयोग, ऐप्स की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड की सुरक्षा, ऑनलाइन सरकारी सेवाओं और अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।लाडेसर अभियान: कुपोषण के खिलाफ जंग
कुपोषण से मुकाबले के लिए लाडेसर अभियान शुरू किया गया। दानदाताओं के सहयोग से 5,300 कुपोषित एवं 883 गंभीर कुपोषित बच्चों को प्राकृतिक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, वसा, आयरन एवं अन्य पोषक तत्वों से युक्त लाडेसर किट वितरित की गईं।

बिटिया गौरव पेटी: आत्मविश्वास से भरी पिटारी
बिटिया गौरव डैशबोर्ड’ नामक पहल के तहत स्कूलों की होनहार छात्राओं का नाम डैशबोर्ड पर अंकित किया जाता था. इस अभियान की सफलता के बाद स्कूली छात्राओं के लिए ‘बिटिया गौरव पेटी’ नाम से एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। इस पहल का मकसद सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाना भी है। अभियान के तहत जयपुर जिले की पीएम श्री, बालिका स्कूलों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं को उपयोगी वस्त्र और दैनिक आवश्यकताओं को सुरक्षित रखने के लिए हजारों बिटिया गौरव पेटियों का वितरण किया गया है।
पिछले एक साल में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोग में ली गई लोहे की पेटियों को नीलाम करने के बजाय, इस बार जिला कलेक्टर की पहल पर इनका पुनः उपयोग करने का निर्णय लिया गया. इन पेटियों को पेंट कराकर ‘बिटिया गौरव पेटी’ लिखा गया और बालिका स्कूलों में भेजा जा रहा है, ताकि छात्राएं इनमें सेनेटरी नैपकिन, विटामिन, डी-वार्मिंग दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्रियां रख सकें।

सक्षम जयपुर अभियान: समता, क्षमता और ममता का संगम
समक्ष जयपुर अभियान के तहत जिला प्रशासन ने समता, ममता एवं क्षमता संवर्धन करते हुए जयपुर को सक्षम बनाने का बीड़ा उठाया। सक्षम जयपुर अभियान सक्षम जयपुर अभियान का मुख्य उददेश्य सभी कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करवाना एवं कानूनी अधिकारों की जानकारी देना है। जिससे वे निर्भिक एवं सम्मान से कार्य कर सके। सक्षम जयपुर अभियान अन्तर्गत जिले मे जिले की समस्त पीएम श्री विद्यालयों एवं विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को गुड टच-बेड टच, आदि हेतु संस्थाओं के माध्यम से गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान एवं बेटी बचाओ-बेटी पढाओं योजना के तहत बालिका के जन्म अवसर पर मातृ एवं शिशु किट का वितरण आंगनबाड़ी केन्द्र एवं ग्राम पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। अब तक कुल हजारों किट का वितरण किया जा चुका है।

सक्षम जयपुर अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये जा रहे शिविर दिव्यांगजनों के विकास का आधार बन रहे हैं। शिविरों में दिव्यांगजनों को चिन्हीकरण, स्वावलंबन पोर्टल पर प्रमाण पत्र बनाने, यूडीआईडी कार्ड एवं रोडवेज पास बनाने, सुखद दाम्पत्य जीवन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, पालनहार योजना, पेंशन योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, जैसी योजनाओं के लाभ दिलवाने के साथ सहायक उपकरण वितरण करने के लिए चिकित्सकों द्वारा जांच की जा रही है। पूर्व में केवल 7 श्रेणियां में ही दियव्यंगता प्रमाण पत्र बनाए जाते थे, अब इन्हें बढ़कर 21 श्रेणियां में कर दिया गया है। इन 21 श्रेणियां में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। नई जोड़ी गई प्रमुख श्रेणियां में बौनापन, सिलिकलसेल से ग्रसित, हीमोफीलिया रोगी शामिल किये गए हैं।

गिव अप अभियान में जयपुर जिला बना मिसाल
मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र व्यक्ति को स्वेच्छा से नाम हटवाने के लिए प्रेरित करने हेतु जयपुर में ’गिव अप’ अभियान का सफल संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत जयपुर में (4 सितंबर 2025 की स्थिति तक) सर्वाधिक 2 लाख 25 हजार से अधिक अपात्र व्यक्तियों ने गिव अप किया है। गिव अप में राज्य के 41 जिलों में जयपुर ने प्रथम स्थान पर है। वहीं, 2 लाख 48 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है।

सतत विकास लक्ष्य सूचकांक: योजनाओं की नाप-तौल का पैमाना
जयपुर जिले में राज्य का पहला जिला स्तरीय एसडीजी इंडेक्स 2024 जारी हुआ, जिसका उद्देश्य पंचायत समितियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। जयपुर पहला जिला है जिसने जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीकरण दिशा-निर्देश सरल एवं सुलभ रूप से प्रकाशित किए।

अंत्योदय संबल शिविर: राहत और अधिकार का संगम
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की संवेदनशील पहल के तहत जयपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय संबल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुँच सके। शिविरों की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग डॉ. सोनी स्वयं कर रहे हैं। पखवाड़ा अभियान के तहत आयोजित 350 शिविरों में 16 विभागों की 63 श्रेणियों की 30 लाख से अधिक सेवाएँ प्रदत्त की गईं।

नशा मुक्त जयपुर: युवाओं का नया संकल्प
युवाओं को नशे से बचाने के लिए सक्षम जयपुर पहल के तहत नशा मुक्त जयपुर अभियान की शुरुआत की। नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर की राज्य स्तरीय बैठक में ई-शपथ वेबसाइट लॉन्च की गई, जिसके माध्यम से 21 लाख नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने का लक्ष्य है। इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।

पार्क गोद लेने की पहल: हरित क्रांति में जनभागीदारी
जयपुर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल के तहत स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार और ईओ ने अपने-अपने क्षेत्र में पार्क गोद लिए। जनसहयोग और सहभागिता से इन पार्कों में ओपन जिम, वॉकवे और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

जिले की पंचमुखी पहचान: पंच गौरव योजना
मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा की मंशानुसार जयपुर जिले में राज्य में सर्वप्रथम पंच गौरव योजना के तहत जयपुर जिले द्वारा पंच गौरव पुस्तिका का प्रकाशन किया गया। पंच गौरव एक जिला एक खेल कबड्डी के तहत सभी ब्लॉकों में सिंथेटिक मेट के मैदान बनाए गए है और प्रत्येक राजस्व गांव में कबड्डी के मैदान बनाए जा रहे हैं एक जिला एक उपज आँवला व एक जिला एक वनस्पति प्रजाति लसोड़ा के तहत जिले में विस्तृत कार्य योजना बनाकर पौधारोपण की तैयारी अंतिम चरण पर है। एक जिला एक उत्पाद रत्नाभूषण को बढ़ावा देने हेतु कार्यशालाओं का आयोजन करवाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में आज जयपुर प्रशासन का यह सफर पूरे राजस्थान और देश के लिए प्रेरणास्रोत है। जिला प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की वास्तविक समस्या है और लक्ष्य जन समस्याओं का समस्याओं का स्थायी समाधान है। जनता उम्मीद करती है कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा अगुवाई में जयपुर जिले में विकास का यह कारवां इसी तरह आगे  रहेगा |

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