लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
डीग। तालाबों में बढ़ते प्रदूषण, गंदे पानी और मछलियों की मौत के खिलाफ चल रहे आंदोलन को 16वें दिन भी महिलाओं ने समर्थन दिया। यह आंदोलन पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरीश शर्मा के नेतृत्व में जारी है।
शर्मा ने कहा कि डीग क्षेत्र में लगभग 30% घरों का गंदा पानी सीधे तालाबों में गिर रहा है, जिससे तालाबों का जल गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। कई घरों में शौचालय टैंक नहीं बने होने के कारण मलजल सीधे तालाबों में पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि 84 कोस परिक्रमा के दौरान लाखों श्रद्धालु इन तालाबों में स्नान करते हैं और बदबूदार पानी उनकी आस्था को ठेस पहुंचाता है। जल महल देखने आने वाले पर्यटक भी प्रदूषित जल के कारण निराश होकर लौटते हैं।
विभागों पर आरोप, कार्रवाई की मांग
गिरीश शर्मा ने आरोप लगाया कि तालाबों की सफाई और गंदे पानी की समस्या को लेकर
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पुरातत्व विभाग
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सिंचाई विभाग
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नगर परिषद
आपस में जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा डीग स्केप प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों का टेंडर हुआ, लेकिन वास्तविक कार्य नहीं दिख रहा। इस पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
नगर परिषद की ओर से कहा गया है कि यदि तालाबों को औपचारिक रूप से सौंप दिया जाए, तो उन्हें सेल्फी प्वाइंट के रूप में विकसित किया जा सकता है।
शर्मा ने चेतावनी दी कि जब तक तालाबों में गंदे पानी का प्रवेश बंद नहीं होता और घाटों की सफाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
महिलाएं भी हुईं शामिल
आंदोलन में शामिल महिलाओं में कमलेश, शंकुतला, सरोज, रजनी, देवी, गीता, त्रिवेणी, राजरानी सहित कई लोग मौजूद रहे।














































