लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
एयरलाइन की जवाबदेही तय होगी
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में जारी परिचालन संकट और हजारों उड़ानों के रद्द होने के बीच केंद्र सरकार ने एयरलाइन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का ऐलान किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इंडिगो को अपनी विफलताओं के लिए जवाब देना पड़े और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
वरिष्ठ अधिकारियों को शो-कॉज़ नोटिस
DGCA ने इंडिगो की नेतृत्व टीम को शो-कॉज़ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि तकनीकी और प्रबंधन संबंधी चूक के लिए जिम्मेदारी किसकी है। एजेंसी ने यह भी संकेत दिया कि
“यदि आवश्यकता पड़ी तो एयरलाइन के शीर्ष स्तर पर बदलाव तक किए जा सकते हैं।”
मुख्यालय में DGCA कर्मियों की तैनाती
फ्लाइट रद्दीकरण संकट गहराने के बाद DGCA ने इंडिगो के मुख्यालय पर अपने अधिकारियों को तैनात किया है, जो दैनिक परिचालन की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी निजी एयरलाइन के दफ़्तर में इस तरह की प्रत्यक्ष निगरानी की गई हो।
यात्रियों को भारी परेशानी, 750 करोड़ रुपये का रिफंड
दिसंबर माह में बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को व्यापक असुविधा हुई।
इंडिगो ने अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक यात्रियों को रिफंड किए हैं। सरकार ने एयरलाइन को तुरंत परिचालन सुधारने और उड़ानों की संख्या नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए हैं।
सरकार का कड़ा संदेश
उड्डयन मंत्री नायडू ने कहा—
“कोई भी एयरलाइन, चाहे जितनी बड़ी हो, यात्री हितों को नुकसान पहुँचाने पर बख्शी नहीं जाएगी। जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई भी होगी।”
स्थिति सामान्य होने की ओर
सरकार का दावा है कि मॉनिटरिंग के बाद अधिकांश हवाईअड्डों पर हालात सामान्य हो रहे हैं, हालांकि जांच अभी जारी है। सरकार चाहती है कि इंडिगो पारदर्शिता बरते और सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीरता दिखाए।
















































