लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
बैलों से खेती करने वाले लघु–सीमांत किसानों को हर साल 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
राज किसान साथी पोर्टल पर अब तक 42 हजार से ज्यादा आवेदन
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में सरकार ने बैलों से खेती करने वाले चयनित लघु एवं सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 30,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की अनूठी पहल शुरू की है।
इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, गौवंश संरक्षण सुनिश्चित करना और किसानों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना है। आधुनिक कृषि यंत्रों के बढ़ते उपयोग के कारण बैलों की उपयोगिता कम होने से उनके संरक्षण पर असर पड़ा था। सरकार की यह सहायता न केवल बैलों के संरक्षण को बढ़ावा देगी, बल्कि खेतों की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी।
गोबर गैस प्लांट पर भी मिलेगी सब्सिडी
बैलों से खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि के साथ गोबर गैस प्लांट लगाने पर सब्सिडी भी दी जाएगी। इससे किसानों की लागत घटेगी, स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और खेतों के लिए जैविक खाद उपलब्ध होगी। किसान अपने खेतों में ही खाद तैयार कर उत्पादन बढ़ा सकेंगे।
42 हजार से अधिक आवेदन, डाटाबेस तैयार
कृषि विभाग बैलों से खेती करने वाले किसानों का डाटाबेस तैयार कर रहा है। इसी आधार पर पात्र किसानों का चयन कर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
प्रदेशभर से अब तक 42,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें सर्वाधिक आवेदन डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर जिलों से आए हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया राज किसान साथी पोर्टल पर जारी है।



















































