विश्व बंधुत्व दिवस पर ब्रह्माकुमारीज़ का रक्तदान महाअभियान

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

देशभर में 670 शिविरों में 50 हजार यूनिट रक्तदान – वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम

✍️ रिपोर्ट: तुषार पुरोहित, सिरोही

सिरोही। विश्व बंधुत्व दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा भारत और नेपाल में चलाए जा रहे रक्तदान महाअभियान का उत्साह चरम पर है। महज़ दो दिनों में ही 670 शिविरों में 50 हजार यूनिट रक्तदान हो चुका है। लक्ष्य 25 अगस्त तक 1500 शिविरों के माध्यम से एक लाख से अधिक यूनिट रक्त एकत्र करना है। इस उपलब्धि के साथ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

शांतिवन मुख्यालय में विशाल शिविर

शनिवार को संस्थान मुख्यालय शांतिवन, आबूरोड के डायमंड हॉल में विशाल शिविर आयोजित हुआ। यहां 644 रक्तवीरों ने रक्तदान किया, जिनमें से 251 यूनिट रक्तदान ब्रह्माकुमारी बहनों ने किया। सुबह से ही रक्तदान को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला।

“सबसे श्रेष्ठ दान है जीवनदान”

  • बीके संतोष दीदी (संयुक्त मुख्य प्रशासिका): “रक्तदान केवल शरीर ही नहीं, आत्मा की जीवनयात्रा को आगे बढ़ाने का अवसर देता है।”

  • बीके करुणा भाई (अतिरिक्त महासचिव): “अगर हर युवा वर्ष में दो बार रक्तदान करे तो भारत में कभी रक्त की कमी नहीं होगी।”

  • बीके मृत्युंजय भाई: “यह केवल एक शिविर नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा की भावना का उत्सव है।”

  • डॉ. प्रताप मिड्ढा (ग्लोबल हॉस्पिटल निदेशक): “एक यूनिट रक्त से 3–4 लोगों की जान बचाई जा सकती है और 24–48 घंटे में नया रक्त बन जाता है।”

वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर

राष्ट्रीय संयोजक बीके अवतार भाई ने बताया कि पहली बार भारत और नेपाल में इतने बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर आयोजित हो रहे हैं। सभी सेवा केंद्रों से डेटा कलेक्शन के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए दावेदारी की जाएगी।

रक्तदाताओं की भावनाएँ

  • नेहा बहन (60 वर्ष, आबूरोड): “विश्व बंधुत्व दिवस पर रक्तदान करना एक अलग अनुभूति है।”

  • बीके मीना बहन: “पहली बार रक्तदान किया, सभी नारी शक्ति से आह्वान है कि रक्तदान जरूर करें।”

  • बीके शेफाली (गुरुग्राम): “दादीजी की पुण्यतिथि पर रक्तदान कर गर्व महसूस हो रहा है।”

  • बीके महावीर भाई (शांतिवन): “यह मेरा 11वां रक्तदान है। युवाओं से कहूँगा कि नियमित रक्तदान करें, यह किसी की जिंदगी बचा सकता है।”

प्रमुख हस्तियाँ और योगदान

इस अवसर पर बीके लीला दीदी, डॉ. बनारसी लाल, डॉ. सतीश गुप्ता, बीके मोहन सिंघल, बीके प्रकाश, बीके जगदीश समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शिविर में ट्रॉमा सेंटर ब्लड बैंक प्रभारी बीके धर्मेंद्र भाई और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।

अभियान का उद्देश्य

विश्व बंधुत्व दिवस पर शुरू हुआ यह रक्तदान महाअभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सेवा की मिसाल बन रहा है। 25 अगस्त तक यह अभियान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नया इतिहास लिख सकता है।


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