लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
झालावाड़ के DSP प्रेम कुमार को मिलेगा केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026
ऑपरेशन शटरडाउन में 51 आरोपी गिरफ्तार, 53 लाख रुपये नकद और 11 हजार से अधिक संदिग्ध बैंक खातों का रिकॉर्ड बरामद; सरकारी योजनाओं में सेंध लगाने वाले नेटवर्क का हुआ था खुलासा
झालावाड़। सरकारी योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने वाली झालावाड़ पुलिस की कार्रवाई को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इस मामले में उत्कृष्ट और उच्च स्तरीय पेशेवर अनुसंधान के लिए डीएसपी प्रेम कुमार को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उस बड़े साइबर और आर्थिक अपराध नेटवर्क की जांच से जुड़ा है, जिसके तार राजस्थान सहित चार राज्यों में फैले हुए थे।
गोपनीय शिकायत से खुला सरकारी योजनाओं में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खेल
अगस्त 2025 में झालावाड़ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय को एक गोपनीय शिकायत मिली थी। इसमें अकलेरा और मनोहरथाना क्षेत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल खराबे के मुआवजे और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में अपात्र लोगों को लाभार्थी बनाकर सरकारी धन का गबन करने वाले नेटवर्क की जानकारी दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। जांच तत्कालीन वृत्ताधिकारी भवानीमंडी प्रेम चौधरी को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित कर अंतरराज्यीय नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए ‘ऑपरेशन शटरडाउन’ शुरू किया गया।
ऑपरेशन शटरडाउन : चार राज्यों में 30 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी
22 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने राजस्थान के झालावाड़, दौसा और जयपुर सहित मध्यप्रदेश के राजगढ़ में एक साथ 30 से अधिक ठिकानों पर दबिश दी। शुरुआती कार्रवाई में 30 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद विस्तृत जांच और साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और दिल्ली से कुल 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
53 लाख नकद, 430 एटीएम कार्ड और 11 हजार संदिग्ध खातों का रिकॉर्ड बरामद
पुलिस की छापेमारी में बड़ी मात्रा में नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। जब्त सामग्री में शामिल हैं—
- करीब 53 लाख रुपये नकद।
- 35 लैपटॉप और कंप्यूटर।
- 70 मोबाइल फोन।
- 193 सिम कार्ड।
- 430 एटीएम कार्ड।
- 207 बैंक पासबुक।
- 96 चेकबुक।
- 11 हजार से अधिक संदिग्ध बैंक खातों का रिकॉर्ड।
इन बरामदगियों ने सरकारी योजनाओं के नाम पर चल रहे संगठित वित्तीय फर्जीवाड़े के व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा किया।
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों तक जुड़े मिले गिरोह के तार
जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह के तार सरकारी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों तक जुड़े हुए थे। आरोपियों के पास से सरकारी योजनाओं के पोर्टल से संबंधित लॉगिन क्रेडेंशियल, संवेदनशील नागरिक डेटा और लाखों लोगों की निजी जानकारियां भी मिलीं।
पुलिस ने आधुनिक तकनीक, साइबर विश्लेषण और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से नेटवर्क की कार्यप्रणाली की पड़ताल की। इस जांच में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में धोखाधड़ी के तरीकों का खुलासा हुआ।
ऑपरेशन के बाद सरकार ने भी कड़े किए सुरक्षा इंतजाम
ऑपरेशन शटरडाउन की सफलता के बाद राजस्थान के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला कलेक्टरों और संबंधित विभागों को सरकारी योजनाओं के डेटाबेस का सत्यापन करने, पोर्टल की सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए DSP प्रेम कुमार को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
चार राज्यों में फैले नेटवर्क का खुलासा, 51 आरोपियों की गिरफ्तारी और हजारों संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े साक्ष्य जुटाने वाली इस कार्रवाई को पेशेवर पुलिस अनुसंधान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया है। इसी उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए डीएसपी प्रेम कुमार को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक-2026 से सम्मानित किया जाएगा।
झालावाड़ पुलिस की इस उपलब्धि से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है। पुलिस का मूल संदेश है—आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय।
























































