लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पिता-पुत्री संवाद कार्यशाला में शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को लेकर हुआ मंथन।
गौतम शर्मा राजसमन्द
राजसमंद। राजसमंद जन विकास संस्थान की ओर से इम्पावर (EMpower) के सहयोग से संचालित आगाज परियोजना के तहत एक दिवसीय पिता-पुत्री संवाद कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य पिता-पुत्री के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने, बेटियों की परवरिश से जुड़े मुद्दों पर पिताओं को जागरूक करने तथा उनके सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य में पिता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
कार्यशाला में भीलवाड़ा एवं राजसमंद जिलों से 20 पिता-पुत्री जोड़ियों ने भाग लिया। विभिन्न संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से विश्वास, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने पर चर्चा की गई। साथ ही बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वतंत्रता और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
परियोजना प्रभारी नीता कुमावत ने कहा कि बेटियों के समग्र विकास और सशक्तिकरण में पिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। पिता और बेटियों के बीच खुला संवाद बेटियों को अपनी बात रखने, निर्णय लेने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास देता है।
संस्थान के मॉनिटरिंग एंड इवेल्युएशन ऑफिसर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार में ऐसा सहयोगी वातावरण होना चाहिए, जहां पिता बेटियों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझें और उनकी परवरिश में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने परिवार में संवाद, विश्वास और सहयोग को मजबूत बनाने पर जोर दिया।
कार्यशाला में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पिता-पुत्री के रिश्ते को मजबूत करने और आपसी विश्वास बढ़ाने का प्रयास किया गया। इस पहल का उद्देश्य बेटियों को ऐसा पारिवारिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों और लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ सकें।
कार्यक्रम में संस्थान की क्लस्टर कोऑर्डिनेटर उमा पालीवाल तथा फील्ड कोऑर्डिनेटर ललिता शर्मा, खुबलता रेगर, ललिता साहू एवं राधा लोहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।























































