लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
सांसद अमराराम समेत हजारों ने दी गिरफ्तारी
संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर महापंचायत; कर्जमाफी, MSP की कानूनी गारंटी और मनरेगा को लेकर उठी आवाज
सीकर से योगेश ऋषिका।
सीकर। किसान-मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर सीकर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर आयोजित किसान-मजदूर महापंचायत के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचे और सामूहिक गिरफ्तारी दी।
प्रदर्शन में सीकर सांसद अमराराम समेत बड़ी संख्या में किसान नेता, श्रमिक संगठन और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठाईं।
सांसद अमराराम समेत हजारों ने दी गिरफ्तारी
महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी दी। सांसद अमराराम के मुताबिक आंदोलन के दौरान 4 हजार से अधिक लोगों ने गिरफ्तारी दी।
उनके अनुसार गिरफ्तार होने वालों में करीब 300 महिलाएं और 3300 पुरुष शामिल रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद बाद में रिहा कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
किसानों की कर्जमाफी और MSP की कानूनी गारंटी की मांग
किसान-मजदूर महापंचायत में किसानों से जुड़े कई मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने किसानों की कर्जमाफी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की मांग की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए और कृषि क्षेत्र से जुड़े आर्थिक दबाव को कम करने के लिए कर्जमाफी जैसे कदम उठाए जाने चाहिए।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील खत्म करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील समाप्त करने की मांग भी उठाई। किसान संगठनों ने व्यापार समझौतों के कृषि क्षेत्र और किसानों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
मनरेगा और श्रम संहिताओं को लेकर भी उठी आवाज
महापंचायत में मनरेगा योजना को फिर शुरू करने की मांग भी की गई। इसके साथ ही श्रमिक संगठनों ने श्रम संहिताओं को लेकर भी सरकार के सामने अपनी आपत्तियां और मांगें रखीं।
प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों के अधिकारों और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा शर्तों में सुधार की मांग
आंदोलन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित सेवा शर्तें और बेहतर सुविधाएं देने की मांग की।
हिरासत के बाद प्रदर्शनकारी रिहा
कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन और सामूहिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
किसान-मजदूर महापंचायत के जरिए प्रदर्शनकारियों ने सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने और विभिन्न मुद्दों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। सांसद अमराराम समेत किसान नेताओं ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकेत दिया।


















































