लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भक्तामर दीपार्चना से जगमगाया परिसर
अभिषेक, शांतिधारा और अष्टद्रव्य पूजा के साथ हुआ धार्मिक आयोजन; शाम को भक्तामर स्तोत्र और दीपों की रोशनी से भक्तिमय हुआ माहौल
उनियारा। उपखंड क्षेत्र के समीपवर्ती प्रसिद्ध जैन धार्मिक स्थल सुखोदय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर भगवान कुंथुनाथ का गर्भ कल्याणक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
प्रबंध कमेटी के गजानन बदजात्या और संतु जैन ने बताया कि भगवान कुंथुनाथ जैन धर्म के वर्तमान कालचक्र के 17वें तीर्थंकर और छठे चक्रवर्ती सम्राट माने जाते हैं। जैन मान्यताओं के अनुसार उन्होंने एक ही जन्म में तीर्थंकर और चक्रवर्ती दोनों परम पद प्राप्त किए थे। इसी उपलक्ष्य में सुखोदय तीर्थ पर गर्भ कल्याणक महोत्सव का आयोजन किया गया।
अभिषेक और शांतिधारा से हुई शुरुआत
शास्त्री हिमांशु जैन के निर्देशन में महोत्सव की धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाष्टक पाठ के साथ हुई। इसके बाद नित्य अभिषेक और शांतिधारा की गई।
वार्षिक शांतिधारा करने का सौभाग्य पुण्यार्जक रमेशचंद, रौनक सर्राफ, निवाई वाले (जयपुर) को मिला। वहीं पाण्डुकशिला पर शांतिधारा का पुण्य दिनेश कुमार, बीना देवी और अमित कुमार छामुनिया परिवार, टोंक ने अर्जित किया। द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य कमल कुमार और अनीता देवी मेडिकल परिवार, उनियारा को प्राप्त हुआ।
भगवान कुंथुनाथ की अष्टद्रव्य से पूजा
शांतिधारा के बाद देव-शास्त्र-गुरु की पूजा की गई। इसके पश्चात चौबीस भगवान, मूलनायक भगवान और विशेष रूप से भगवान कुंथुनाथ की अष्टद्रव्य से पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया और भगवान के गर्भ कल्याणक महोत्सव को श्रद्धापूर्वक मनाया।
भक्तामर दीपार्चना रही विशेष आकर्षण
महोत्सव के तहत शाम को भक्तामर दीपार्चना का आयोजन किया गया। भक्तामर संयोजक चेतन जैन और लोकेश जैन बनेठा ने बताया कि शनिवार शाम 7 बजे से भक्तामर मंडल उनियारा द्वारा दीपार्चना शुरू की गई।
दीपों की रोशनी और भक्तामर स्तोत्र के सामूहिक काव्यपाठ से पूरा सुखोदय तीर्थ परिसर भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने दीपार्चना में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में उनियारा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान सुखोदय तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।
रिपोर्ट: दुर्योधन मयंक, उनियारा


















































