लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भव्य शोभायात्रा के साथ दो दिवसीय दादा मेले का हुआ समापन
बैंड-बाजों और भक्ति गीतों के बीच निकला भव्य वरघोड़ा, हजारों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन-पूजन
साध्वी मनोहरश्रीजी का संदेश— “अच्छे कर्म ही सफलता और आत्मकल्याण का आधार”
अजमेर। श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाचार्य श्री जिनदत्तसूरि दादाबाड़ी में आयोजित दो दिवसीय दादा मेले का शनिवार को भक्ति, श्रद्धा और उत्साह के माहौल में समापन हुआ। दादा गुरु देव के जयकारों, भजनों और बैंड-बाजों की मधुर धुनों के बीच निकली भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे मार्ग पर श्रद्धालु नाचते-गाते दादा गुरु देव का गुणगान करते हुए आगे बढ़े, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
“हर कार्य से पहले उसके परिणामों पर विचार करें”
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी मनोहरश्रीजी ने कहा कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसके अच्छे और बुरे परिणामों पर अवश्य विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सफलता उसके अच्छे कर्मों से ही प्राप्त होती है। दादा जिनदत्तसूरि ने अपने आत्मबल, तपोबल और मंत्र शक्ति के माध्यम से जैन धर्म की अद्भुत प्रभावना की, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, सामूहिक पूजा-अर्चना में उमड़ी आस्था
संघ प्रवक्ता रिखब सुराणा ने बताया कि मेले के दूसरे दिन सुबह सामूहिक भक्तामर स्तोत्र, दादागुरुदेव इक्तीसा पाठ एवं स्नात्र पूजा का आयोजन हुआ। इसमें कोयंबटूर, भोपाल, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, जयपुर, जोधपुर, ब्यावर, किशनगढ़ सहित देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पूजा-अर्चना की।
भव्य वरघोड़े में झलकी आस्था
राजा साइकिल चौराहे स्थित श्री जिनदत्तसूरि सर्कल से दादा गुरु देव का भव्य वरघोड़ा निकाला गया। बैंड-बाजों, सुसज्जित घोड़ों और बग्घी में विराजित दादा गुरु देव के आदमकद चित्र के साथ निकली शोभायात्रा रेलवे ऑफिसर क्लब, विनयनगर और पालबीसला होते हुए दादाबाड़ी पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे और दादा गुरु देव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा।
दादाबाड़ी पहुंचने पर मेला लाभार्थी अमित धारीवाल परिवार ने दादा गुरु देव की आरती उतारी। इसके बाद गुरुमंदिर के शिखर पर विधिविधान से ध्वजारोहण किया गया।
हजारों श्रद्धालुओं ने बड़ी पूजा में लिया भाग
इंदौर के प्रसिद्ध जैन संगीतकार एवं परम गुरु भक्त लवेश-हिमांशू बुरड़ द्वारा दादा गुरु देव की बड़ी पूजा का वाचन किया गया। इस दौरान देशभर से आए हजारों श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। समारोह में समाज के विभिन्न पदाधिकारियों और सहयोगियों का संघ की ओर से श्रीफल एवं दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान भी किया गया।
“व्यवहार बदलता है जीवन” : अनीता भदेल
पूर्व मंत्री एवं विधायक अनीता भदेल ने धर्मसभा में कहा कि “सुंदर वस्त्र केवल व्यक्तित्व बदल सकते हैं, लेकिन सुंदर व्यवहार पूरी जिंदगी बदल देता है। केवल सिर झुकाने से परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती, मन को भी विनम्र बनाना पड़ता है।”
साध्वी मनोहरश्रीजी का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश
दादाबाड़ी में जीर्णोद्धार प्रेरिका साध्वी मनोहरश्रीजी सहित साध्वी निरंजनाश्रीजी, साध्वी काव्यप्रभाश्रीजी, डॉ. स्मितप्रज्ञाश्रीजी, डॉ. मधुस्मिताश्रीजी एवं साध्वी आदर्शप्रज्ञाश्रीजी का वर्षाकालीन चातुर्मासिक मंगल प्रवेश भी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
संघ अध्यक्ष विक्रम सिंह पारख सहित पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने ढोल-ढमाकों के साथ साध्वी वृंद की अगवानी की। महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और सामूहिक नृत्य के साथ मंगल स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता का बना संदेश
दो दिवसीय दादा मेले में धार्मिक अनुष्ठानों, प्रवचनों, भव्य शोभायात्रा और सामूहिक पूजा-अर्चना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धर्म, संस्कार और सद्कर्म समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी शक्ति हैं।












































