लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जेठाना बिजली घर के पास सड़क किनारे पड़े विद्युत पोल बने हादसों का कारण, राहगीरों में बढ़ी चिंता
पीसांगन (अजमेर), ओमप्रकाश चौधरी। नसीराबाद-पादूकलां स्टेट हाईवे पर पीसांगन उपखंड क्षेत्र के जेठाना स्थित 220 केवी बिजली घर के निकट सड़क किनारे बड़ी संख्या में सीमेंट के विद्युत पोल रखे जाने से सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले 20 से 25 दिनों से सड़क की पटरी पर बेतरतीब ढंग से पड़े इन पोलों के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क की सफेद पट्टी से सटाकर तीन स्थानों पर विद्युत पोलों के ढेर लगाए गए हैं। मौके पर न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात के समय दृश्यता बढ़ाने के लिए रेडियम संकेतक लगाए गए हैं। ऐसे में हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों के लिए यह स्थिति जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
सड़क की पटरी पर अतिक्रमण का आरोप
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की कच्ची पटरी, जिसका उपयोग सामान्यतः पैदल यात्रियों तथा खराब वाहनों को सुरक्षित खड़ा करने के लिए किया जाता है, पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है। इसके चलते राहगीरों को मजबूरन मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार ने सुविधा के लिए सड़क किनारे की पटरी को अस्थायी स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल कर लिया है। उनका कहना है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे पहले से ही सावधानी बरतनी पड़ती है, वहीं सड़क किनारे पड़े पोल अतिरिक्त खतरा पैदा कर रहे हैं।
विभागीय कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
स्थानीय लोगों के अनुसार कई दिनों से पोल सड़क किनारे पड़े होने के बावजूद न तो विद्युत विभाग ने इन्हें हटाने की पहल की है और न ही सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने कोई कार्रवाई की है। इससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि हाईवे के किनारे इस प्रकार की बाधाएं गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहन यदि इन पोलों से टकरा जाएं तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी हवाला
स्थानीय नागरिकों ने हाल ही में सड़क सुरक्षा को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़कों और राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण, गैरकानूनी पार्किंग तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
बड़ा सवाल: हादसा होने पर जिम्मेदार कौन?
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की पटरी से इन विद्युत पोलों को नहीं हटाया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और विद्युत विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क को बाधामुक्त बनाने तथा सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल सड़क किनारे पड़े विद्युत पोल यथावत हैं और स्थानीय लोगों के मन में एक ही सवाल है—यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?



















































