भारत के गौरवशाली इतिहास में महिलाओं का अतुलनीय योगदान : सुरेश उपाध्याय

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में नारी शक्ति की भूमिका पर हुआ बौद्धिक सत्र

डीडवाना/नागौर। (प्रदीप कुमार डागा) नगर स्थित पूजा इंटरनेशनल एकेडमी में आयोजित जोधपुर प्रांत के दुर्गावाहिनी शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के पंचम दिवस पर बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान विहिप क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने “भारत के गौरवशाली इतिहास में नारी शक्ति के योगदान तथा वर्तमान समय में उनकी महत्ता” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे।

उन्होंने कहा कि ईसा पूर्व से लेकर आज तक भारत पर अनेक विदेशी आक्रमण हुए, लेकिन भारतीय संस्कृति, परंपराएं और सभ्यता आज भी जीवित हैं, जिसका मुख्य श्रेय नारी शक्ति को जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक समाज, राजनीति, शिक्षा, साहित्य, विज्ञान और स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया है।

सुरेश उपाध्याय ने वैदिक काल की विदुषी महिलाओं गार्गी और मैत्रेयी का उल्लेख करते हुए कहा कि वेद अध्ययन के माध्यम से उन्होंने भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। उन्होंने इतिहास के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि 712 ईस्वीं में दाहिर की पुत्रियों सूर्या और परिमल ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए साहस और बुद्धिमत्ता का परिचय दिया।

उन्होंने कहा कि जब औरंगजेब की सेना ने छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र राजाराम को शरण देने के कारण केलडी पर आक्रमण किया, तब रानी चेन्नम्मा ने मुगल सेना का डटकर मुकाबला कर अपने राज्य की रक्षा की। इसी प्रकार रानी दुर्गावती के शौर्य, रानी पद्मिनी के जौहर और रानी लक्ष्मीबाई के अदम्य साहस को उन्होंने राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया।

उन्होंने कहा कि आज भी महिलाओं की भूमिका समाज निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है और नारी शक्ति के सम्मान एवं सशक्तिकरण से ही राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है।

इस अवसर पर प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी, सह मंत्री सतीश सिंह राव, प्रांत सहमंत्री महेंद्र उपाध्याय, प्रांत सत्संग प्रमुख नरेंद्र भोजक सहित अन्य पदाधिकारी एवं प्रशिक्षण वर्ग के सहभागी उपस्थित रहे।

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