श्री गंगानगर की बॉर्डर इलाकों में 11 घंटे का लॉकडाउन

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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

– राजस्थान के भारत-पाक बॉर्डर पर अचानक हाई अलर्ट, मजिस्ट्रेट ने लगाई कई पाबंदियां

लोक टुडे। श्रीगंगानगर  भारत-पाक सीमा पर बढ़ते सुरक्षा खतरों और घुसपैठ की आशंका के बीच श्रीगंगानगर जिला मजिस्ट्रेट ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 3 किलोमीटर के दायरे में धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। भारत और पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ती राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और घुसपैठ की आशंकाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इसी के मद्देनज़र जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सरहद से सटे 3 किलोमीटर के दायरे में प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी कर दिए हैं।

शाम 7 से सुबह 6 तक पूर्ण पाबंदी :

5 मई 2026 को जारी इस आदेश के बाद अब सीमावर्ती इलाकों में शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कुछ कड़े नियम तय किए हैं।

– आवागमन पर रोक : रात 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी भी आम नागरिक का सीमा से सटे 3 किमी क्षेत्र में घूमना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यानी कि यहां इन 11 घंटे तक ‘लॉकडाउन’ जैसी स्थिति रहेगी।

– रोशनी और शोर पर लगाम : सीमा क्षेत्र में तेज प्रकाश का उपयोग, लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड और पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

– सुरक्षा घेरा : यह आदेश राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

 

प्रतिबंधित इलाके में 6 उपखंड :

यह प्रतिबंध केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रीगंगानगर जिले के उन सभी प्रमुख हिस्सों को कवर करता है जो सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं। इनमे श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़ और घडसाना शामिल है।

किसानों के लिए विशेष रियायत :

खेती-किसानी राजस्थान की जीवन रेखा है। बॉर्डर के पास रहने वाले किसानों को सिंचाई के लिए रात में भी खेतों में जाना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक विशेष रियायत दी है। यदि रात के समय सिंचाई के लिए जाना अनिवार्य है, तो किसानों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) या सेना के अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के सीमा क्षेत्र में प्रवेश कानूनी अपराध माना जाएगा।

 

15 सितंबर 2026 तक प्रभावी :

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 का प्रयोग करते हुए यह आदेश प्रभावी किया है। यह आदेश आगामी 15 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकृत कर्मचारी, जो ड्यूटी पर तैनात हैं, उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

सीमापार से खतरे की आशंका :

अचानक से 3 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह प्रतिबंधित करना और रात के समय रोशनी तक पर पाबंदी लगा देना, कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे रहा है। क्या सीमा पार से किसी बड़े ड्रोन मूवमेंट की आशंका है? या फिर राष्ट्रविरोधी तत्व किसी गुप्त सुरंग या घुसपैठ के फिराक में हैं? प्रशासन ने इसे ‘जन-सुरक्षा और शांति भंग की आशंका’ बताया है, लेकिन सरहद पर बढ़ती यह सख्ती किसी बड़े ऑपरेशन या इनपुट की ओर इशारा कर रही है।

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