लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रिपोर्टर – नितिन मेहरा, अजमेर
अजमेर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में लोहागल स्थित माँ करणी कृपा उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। ‘साइबर सुरक्षा’ विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के खतरों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश महेंद्र कुमार ढाबी ने कहा कि इंटरनेट आज की आवश्यकता है, लेकिन इसके बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड रखना और ओटीपी को गोपनीय रखना जैसे छोटे कदम बड़े आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा सकते हैं।
जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की सीख
शिविर में प्रशिक्षु न्यायाधीश पूजा जनागल ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, संदिग्ध मैसेज और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रमुख कानूनी प्रावधानों से भी अवगत कराया गया।
संवाद के माध्यम से जागरूकता
कार्यक्रम को संवादात्मक रूप दिया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने साइबर बुलिंग और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे। न्यायाधीशों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की शपथ दिलाई।
विद्यालय प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों को भविष्य की डिजिटल चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।






















































