लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर : 86 कॉलोनियों पर संकट
मुख्यमंत्री से मांगा न्याय
जयपुर। के सामान्य और बगरू क्षेत्र में बसी 86 कॉलोनियों पर संकट गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इन कॉलोनियों को अवैध मानते हुए हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के बाद लाखों लोगों के सामने अपने आशियाने को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
पन्नालाल सर्किल पर सभा, 8 मार्च को विधानसभा घेराव
प्रभावित कॉलोनीवासियों ने जयपुर के पन्नालाल सर्किल पर सभा आयोजित कर सरकार से इन कॉलोनियों के नियमन (रेगुलराइजेशन) की मांग की। लोगों ने ऐलान किया है कि 8 मार्च को विधानसभा का घेराव कर मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी और कॉलोनियों को नियमित करने की मांग उठाई जाएगी।
90% बसावट, 2002 से रह रहे हैं लोग
कॉलोनीवासियों का कहना है कि इन 86 कॉलोनियों में करीब 90% बसावट हो चुकी है। वर्ष 2002 से अधिक भूखंडधारियों ने यहां मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया था। कई परिवार वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं, बच्चों की शादियां हो चुकी हैं और पूरी जिंदगी यहीं बस गई है।
किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का आरोप
समिति का दावा है कि हाउसिंग बोर्ड की प्रक्रियागत खामियों के कारण किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला। आरोप है कि जमीन रजिस्टर्ड सोसायटी को बेची गई, सोसायटी ने भूखंड काट दिए और वर्षों पहले कॉलोनियां बस गईं। अब अचानक इन्हें अवैध घोषित कर हटाने का आदेश देना अन्यायपूर्ण बताया जा रहा है।
“उजाड़ कर फिर बसाना कहां का न्याय?”
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लाखों लोगों को उजाड़कर फिर उसी जमीन पर नई कॉलोनी बसाना न्यायसंगत नहीं है। उनका मांग है कि सरकार हाउसिंग बोर्ड को निर्देशित करे और कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति से सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराए, ताकि मानवीय दृष्टिकोण से समाधान निकले।


















































