लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आरएसएस शताब्दी वर्ष पर उनियारा में विराट हिंदू सम्मेलन
उनियारा। (दुर्योधन मयंक) कस्बे के शिवाजी नगर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक समिति के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के तहत भव्य कलश यात्रा और शोभायात्राओं का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कलश यात्रा में युवा हाथों में भगवा ध्वज लहराते हुए धार्मिक भजनों पर नाचते-गाते चल रहे थे। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं, वहीं अखाड़ा बाजों ने अपने करतबों से लोगों को रोमांचित किया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।
कलश यात्रा वैष्णो देवी मंदिर, टोंक रोड से प्रारंभ होकर मेले के बालाजी के पास स्थित जैन नसिया पहुंची। वहीं दूसरी शोभायात्रा बर्फ फैक्ट्री, नैनवा रोड से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई जैन नसिया पहुंची, जहां दोनों शोभायात्राओं का समागम हुआ।
जैन नसिया में हुआ सम्मेलन
जैन नसिया परिसर में आयोजित समारोह में संत राम सरवन जी महाराज (कचरावता धाम), संत कर्मानंद गिरी महाराज (सन्यास घाटा, करेरिया-निवाई) सहित कई संत-महात्माओं ने आशीर्वचन दिए। कार्यक्रम में सेवा भारती के पूर्णकालिक कार्यकर्ता रतनलाल नामा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान शिवाजी नगर बस्ती के वृद्धजनों का दुपट्टा और कंबल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। साथ ही बस्ती के मंदिरों के पुजारियों का भी दुपट्टा व कंबल भेंट कर सम्मान किया गया।
एकजुटता से ही संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा संभव
सम्मेलन में उपस्थित साधु-संतों और वक्ताओं ने वर्तमान परिस्थितियों में समाज को एकजुट करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सनातन समाज ऊंच-नीच जैसी बातों में बंटा हुआ है, जबकि एकजुटता से ही संस्कृति, राष्ट्र और विरासत की रक्षा संभव है। धर्म और संस्कृति को बचाने के लिए स्वार्थ का त्याग कर सेवा और समर्पण की भावना अपनानी होगी।
वक्ताओं ने राष्ट्रप्रेम, मानव सेवा और सामाजिक समरसता को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
व्यवस्थाओं में जुटे रहे कार्यकर्ता
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवक और कार्यकर्ता दिनभर व्यवस्थाओं में जुटे रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष रामगोपाल गुप्ता, संयोजक गिरधारी गगरानी सहित रामलाल सैनी, ईश्वर शर्मा, ब्रह्मदत्त कुमावत, राजेश साहू, शंकर सेन, जगदीश साहू, अशोक गगरानी, घासी जैन, हरिओम जांगिड़, कन्हैयालाल गुप्ता, महेश खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष सम्मेलन में मौजूद रहे।













































