लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने उच्च शिक्षा में “सुधरो नहीं तो बंद करो” नीति पर कार्यवाही की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास गुणवत्ता नहीं है, उन्हें बंद किया जाएगा और बिना अनुमति मान्यता देने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को नेक एक्रेडिटेशन में आ रही अड़चनों को दूर करने, पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति में नवाचार को बढ़ावा देने तथा हर वर्ष महालेखाकार ऑडिट कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के बीच संवाद की शुरुआत हो और भारतीय इतिहास, ज्ञान परंपरा एवं संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को दीवारों पर प्रदर्शित किया जाए।
राज्यपाल बागडे ने यह भी कहा कि दीक्षांत समारोह प्रति वर्ष आयोजित किए जाएं और विश्वविद्यालयों द्वारा गांव गोद लेकर उनके विकास में विशेष प्रयास किए जाएं। तकनीकी विश्वविद्यालयों द्वारा कौशल विकास प्रशिक्षण भी प्रारंभ किया जाए।
उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि नेक रैंकिंग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती और रिक्त पदों के रोस्टर के लिए कार्यवाही जल्द की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका ने विश्वविद्यालयों में ग्लोबल टैलेंट रिटर्न स्कीम, प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस और रिक्त पदों के भरण-पोषण से जुड़ी कार्यवाहियों की जानकारी दी।
बैठक में शिक्षा, आयुर्वेद, पशुपालन, वित्त और समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विश्वविद्यालयों के कुलगुरु उपस्थित थे। राज्यपाल ने शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी से सक्रिय योगदान की अपेक्















































