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लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जान से मारने की धमकी देकर वसूली करती है गैंग
1 करोड़ की रंगदारी लेकर जा रहे कैरियर दबोचे, 91 लाख कैश जब्त
विदेश से आती थीं धमकियां, राजस्थान से पंजाब भेजी जा रही थी रकम**
श्रीगंगानगर | रायसिंहनगर | एक्सक्लूसिव मनजीत सिंह ब्यूरो चीफ
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुलिस ने देश के सबसे कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की रंगदारी चेन को तोड़ते हुए एक बड़ा झटका दिया है। रायसिंहनगर पुलिस ने हाई-प्रोफाइल नाकाबंदी के दौरान एक लग्जरी कार को रोका, जिसमें से 91 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई। यह रकम जोधपुर से वसूली गई रंगदारी बताई जा रही है, जिसे पंजाब भेजने की तैयारी थी।
कैश, कार और कैरियर — पूरा नेटवर्क बेनकाब
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कार में सवार तीनों युवक सीधे तौर पर अपराध में शामिल नहीं थे, बल्कि गैंग के लिए कैश कैरियर के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह रकम रायसिंहनगर के नजदीकी गांव में एक हैंडलर को सौंपी जानी थी, जहां से इसे आगे पंजाब पहुंचाया जाना था।
विदेश से होती थी रंगदारी की ‘डील’
जांच में सामने आया है कि लॉरेंस गैंग के गुर्गे विदेश में बैठकर व्यापारियों को कॉल और वॉट्सऐप के जरिए जान से मारने की धमकियां दिलवाते थे। डर के साए में दी गई रंगदारी को अलग-अलग राज्यों में कैरियरों के माध्यम से ट्रांसफर किया जाता था, ताकि पुलिस को भनक न लगे।
चार राज्यों की पुलिस अलर्ट मोड में
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर, बीकानेर और पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र की पुलिस को जांच में लगाया गया है। अब तक 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
SP अमृता दुहन का बड़ा खुलासा
श्रीगंगानगर की एसपी डॉ. अमृता दुहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस केस में अब तक कुलदीप, रामसरूप, अमन और योगेश को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने साफ संकेत दिए कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में गैंग के बड़े हैंडलर और फाइनेंसर भी पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं।
थाने में हाई अलर्ट
हाई-प्रोफाइल गैंगस्टर केस होने के कारण रायसिंहनगर थाने में आम लोगों की एंट्री अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। अलग-अलग जिलों से आए वरिष्ठ अधिकारी और स्पेशल टीम लगातार पूछताछ और डिजिटल एविडेंस खंगालने में जुटी हैं।
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