लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
चार लेखकों की पुस्तकों का हुआ लोकार्पण
जयपुर। कलमकार मंच और पिंकसिटी प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में साहित्य, पत्रकारिता और संस्कृति जगत की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। समारोह में पत्रकार दिनेश ठाकुर, राजेश शर्मा सहित चार लेखकों की पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर दिनेश ठाकुर के ग़ज़ल संग्रह ‘ख़ामोशी इक मुश्किल फ़न है’, राजेश शर्मा के उपन्यास ‘अत्रैव घुश्मेश्वरः यहीं है घुश्मेश्वर’, भागचन्द गुर्जर के नाट्य संग्रह ‘ऊपरी हवा और अन्य नाटक’ तथा इन्दु सिन्हा ‘इन्दु’ (रतलाम, मध्य प्रदेश) के कहानी संग्रह ‘डिजिटल युग का डोकरा’ का विधिवत विमोचन किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कथाकार डॉ. सत्यनारायण ने कहा कि पुस्तकें साहित्यिक संवाद को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कलमकार मंच की निरंतर साहित्यिक सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि नए लेखकों को मंच देना और नई पुस्तकों का प्रकाशन करना आज के समय की बड़ी आवश्यकता है, जिससे पढ़ने की संस्कृति मजबूत होती है।
वरिष्ठ साहित्यकार फारुक आफरीदी ने कहा कि साहित्य में अच्छा लिखना जितना आवश्यक है, उतना ही आवश्यक उसे सुसंस्कृत और पाठक-सुलभ रूप में प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने पुस्तक डिजाइन, प्रस्तुति और आयोजन के स्तर पर कलमकार मंच के प्रयासों को अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणास्पद बताया।
वरिष्ठ आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने हिंदी साहित्य की वर्तमान सृजनात्मक सक्रियता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिंदी में प्रचुर लेखन हो रहा है और पाठक वर्ग भी निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने लेखक और प्रकाशक के बीच पारस्परिक विश्वास को जरूरी बताते हुए सुझाव दिया कि लेखक की रचनात्मक मेहनत का सम्मान आर्थिक रूप में भी होना चाहिए।
वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार विनोद भारद्वाज ने कहा कि राजस्थान के साहित्यिक परिदृश्य में कलमकार मंच ने एक सशक्त पहचान बनाई है। मंच के माध्यम से सैकड़ों पुस्तकों का प्रकाशन और अनेक नए लेखकों को पहचान मिली है, जो साहित्य विस्तार के साथ-साथ रचनाकारों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
कथाकार चरणसिंह पथिक ने कहा कि नई पुस्तकों का प्रकाशन साहित्य जगत के लिए उत्सव के समान होता है। उन्होंने कलमकार मंच द्वारा वर्ष में दो-तीन बार ऐसे आयोजन करने को साहित्यिक वातावरण को ऊर्जावान बनाए रखने वाला प्रयास बताया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ साहित्यकार लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’, पत्रकार हरीश पाराशर, नवल पाण्डेय और रंगकर्मी दिलीप भट्ट ने पुस्तकों पर समीक्षात्मक टिप्पणियां प्रस्तुत कीं। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण चन्द छाबड़ा, प्रेमचन्द गांधी और फिल्मकार गजेन्द्र एस. श्रोत्रिय ने भी अपने विचार रखे।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश मीणा ने आगंतुकों का स्वागत किया तथा महासचिव मुकेश चौधरी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने किया।
समारोह में वरिष्ठ पत्रकार महेश शर्मा, गोविन्द चतुर्वेदी, जगदीश शर्मा, सिद्धार्थ भट्ट, जितेन्द्र सिंह शेखावत, सदाशिव श्रोत्रिय, सतीश शर्मा, आनंद विद्यार्थी, ओमेन्द्र मीणा, शंकर इंदलिया, महेश कुमार, जनित, उमा शर्मा, विनिता, नफीस आफरीदी, राजेश मिश्रा, संतोष शर्मा और चंद्रप्रकाश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।



















































